आरी के ब्लेड से काटी गई रेलवे ट्रैक की तस्वीर
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छह दिन के भीतर चंदौसी रूट पर दो बार पटरी काटने की कोशिश के मामले में बड़ौदा हाउस से डीजीपी कार्यालय तक हड़कंप मचने के बाद एटीएस लखनऊ की टीम ने मंडल में डेरा डाल दिया है। एटीएस के एक सीओ और दो इंस्पेक्टर की टीम मामले की जांच में जुटी है।
वहीं सीनियर डीएससी की गैरमौजदूगी में रेल कोच फैक्ट्री रायबरेली के सीनियर कमांडेंट आरपीएफ ने जिम्मेदारी संभाल रखी है। आरपीएफ की दोनों विंग जांच में सिविल पुलिस की मदद कर रही हैं।
चंदौसी-मुरादाबाद रेल ट्रैक पर मंगलवार को तड़के गुमथल स्टेशन से पहले मोहम्मद गंज पुल के पास करीब 32 एमएम पटरी काट दी गई। इसके पूर्व आठ फरवरी को चंदौसी अलीगढ़ रूट पर पांच एमएम पटरी काटी गई थी।
महज छह दिनों में ट्रैक काटने की कोशिश की ये दूसरी घटना से बड़ौदा हाउस से डीजीपी कार्यालय तक हड़कंप मच गया। पहले मामले की जांच कर रही इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ आरपीएफ और सिविल पुलिस कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
कानपुर रेल हादसे में आतंकी साजिश की बात सामने आने पर इस मामले को गंभीरता से लेेते हुए खुद एटीएस की टीम जांच पड़ताल में जुट गई है। लखनऊ एटीएस की टीम पिछले दो दिनों से मंडल में जमी है।
एटीएस सीओ के नेतृत्व में दो इंस्पेक्टरों की टीम मामले की जांच कर रही है। एटीएस और सिविल पुलिस की जांच में आरपीएफ की विंग सीआईबी और एसआईबी मदद कर रही है।
रेल कोच फैक्ट्री रायबरेली के सीनियर कमांडेंट आरपीएफ अमित मिश्रा ने बताया कि इंटेलीजेंस एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। आरपीएफ की विंग जांच में मदद कर रही है। साथ ही ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।