मुरादाबाद नगर निगम ने एक बार फिर गुरहट्टी स्थित कांग्रेस के जिला कार्यालय भवन को जर्जर घोषित करते हुए उस पर नोटिस चस्पा कर दिया है। साथ ही निगम की ओर से भी तहरीर देकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। तहरीर में लिखा गया है कि निगम की ओर से लगाए गए सूचना संदेश को हटा दिया गया है।
जबकि यह सूचना संदेश भवन स्वामियों के लिए आवश्यक था। इस मामले में कांग्रेस और भवन स्वामी की ओर से भी पूर्व में तहरीर दी जा चुकी है। नगर निगम ने पिछले सप्ताह कांग्रेस कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर उसे जर्जर घोषित कर दिया था।
नोटिस में कहा गया था कि यदि इस जर्जर भवन से कोई हादसा होता है, तो पूर्ण जिम्मेदारी भवन मालिक या वहां रहने वालों की होगी। निगम की इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेसियों ने महापौर से मुलाकात भी की थी। महापौर से वार्ता के बाद कांग्रेसियों ने कहा था कि महापौर ने इस नोटिस को खारिज कर दिया है।
महापौर ने अपने बयान में इससे इन्कार किया था। महापौर से वार्ता के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नोटिस को हटा भी दिया था, जिसके विरोध में भवन स्वामी ने कोतवाली में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। अगले ही दिन कांग्रेसी पदाधिकारी भी कोतवाली पहुंचे।
उन्होंने भवन स्वामी पर कार्यालय को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था और तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में सोमवार को एक बार फिर नगर निगम की ओर से कांग्रेस कार्यालय पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है।
निगम की ओर से नोटिस में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यह भवन आवागमन मार्ग पर स्थित है और किसी भी समय गिर सकता है, जिससे आम जन को खतरा हो सकता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर ने इस मामले पर कहा कि उन्हें फिर से नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी नहीं है।
यह कार्यालय पिछले 70 वर्षों से चल रहा है और इसका इतिहास शहर की राजनीति से जुड़ा हुआ है। इस कार्यालय के नीचे दुकान संचालित करने वाले स्वामी की इस कार्यालय पर टेढ़ी नजर है। इसी वजह से वह अलग-अलग तरीके अपनाकर कार्यालय को खाली करने का दबाव बना रहे हैं। इस मामले की जानकारी प्रदेश हाईकमान को दी जा चुकी है और जल्द ही कांग्रेस की लीगल टीम कार्यालय का दौरा करेगी।