बिलारी। नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सभागार में बृहस्पतिवार दोपहर आशा वर्कर की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर दिया गया। जननी सुरक्षा योजना के लक्ष्य में पिछड़ने पर 74 आशा वर्कर को नोटिस जारी किया गया।
विभागीय समीक्षा बैठक में जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित रखने के लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मातृ एंव शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए नियमित टीकाकरण को जरूरी बताया गया।आशा वर्कर को निर्देश दिए गए कि पहले तो वह गर्भवती महिलाओं का सर्वे कर लें उसके बाद महिलाओं को राजकीय महिला अस्पताल पहुंचकर सुरक्षित प्रसव कराने के लिए प्रेरित करें। जरूरत पड़ने पर गृह भ्रमण विजिट भी करें।
उधर जब जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा की गई तब पता चला कि विभिन्न ग्रामों की 74 आशा वर्कर ने अपने इलाके की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए राजकीय महिला अस्पताल लाने में कोई रूचि नहीं दिखाई। ऐसी 74 आशा वर्कर को केंद्र के चिकित्साधीक्षक की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया और यह भी चेतावनी दी कि शीघ्र ही लक्ष्य पूरा करने के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई तब संबंधित आशा वर्कर की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में आशा कार्यक्रम प्रभारी मनीष चौधरी के अलावा मुरादाबाद से आए यूनिसेफ के अधिकारियों ने अपने सुझाव रखे।