मुरादाबाद। नोडल अधिकारी ने रविवार को कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों का निरीक्षण किया। अस्पतालों में प्रोटोकाल मानकों के पालन से मरीजों के इलाज और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर जांच पड़ताल की। इसके बाद आईएमए पदाधिकारियों और निजी चिकित्सकों के साथ सर्किट हाउस में बैठक की। उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकने में निजी अस्पताल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
नोडल अधिकारी डा. नीरज कुमार ने कोविड 19 एल वन के चिकित्सा अधीक्षक डा. संजीव बेलवाल के साथ कॉसमॉस, विकेकानंद, जिला एवं महिला अस्पताल और कोविड अस्पताल का दौरा किया। कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों में संक्रमण से बचाव के लिए प्रोटोकाल मानकों के पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर अस्पताल में हेल्प डेस्क बनाई जाए। आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएं। नॉन कोविड में बुखार और खांसी और सांस फूलने का मरीज आने पर उसे आइसोलेशन में भर्ती कर सैंपल कराया जाए। पॉजिटिव आते ही कोविड अस्पताल में रेफर किया जाए। इसमें लापरवाही नहीं बरती जाए।
सर्किट हाउस में सीएमओ डा. एमसी गर्ग और सर्विलांस अधिकारी की मौजूदगी में आईएमए पदाधिकारियों और निजी डाक्टरों के साथ बैठक हुई। निजी डाक्टरों ने अपनी बात रखी। नोडल अधिकारी ने कहा कि निजी अस्पताल संक्रमण के फैलाव को रोकने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। आशंकित मरीज का तत्काल सैंपल कर उसे चिह्नित किया जा सकता है। स्टाफ को पीपीई किट मुहैया कराई जाए।
आईएमए अध्यक्ष डा. अजय अरोड़ा ने कहा कि नॉन कोविड और कोविड के चक्कर में मरीज परेशान हो रहे हैं। नॉन कोविड मरीज के पॉजिटिव आने की डर से भर्ती नहीं कर रहे हैं और कोविड अस्पताल सामान्य मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मरीज क्या करें और कहां जाए। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट क्षेत्र में निजी अस्पताल बंद हैं। इससे मरीजों की मुश्किलें और अधिक बढ़ रही हैं। बैठक में डा. अजय अरोड़ा, डा. रवि गांगल, डा. अरुण चुघ, डा. एके गोयल, डा. राजेश सिंह, डा. मनोज सक्सेना, डा. मुकेश राजजादा समेत कई चिकित्सक मौजूद रहे।