ठाकुरद्वारा। बुधवार को वन विभाग की टीम ने क्षेत्र के गांव कुआं खेड़ा खालसा और वीरू वाला में तेंदुए की तलाश में पेट्रोलिंग की। लेकिन तेंदुए का पता नहीं लग सका है।
दोनों गांव में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर ग्रामीण परेशान है। उन्हें खेतों में जाने में भी डर लग रहा है। डिप्टी रेंजर एमपी सिंह ने बताया की बुधवार को भी वन विभाग की टीम ने दोनों स्थानों पर तेंदुए का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग अभी तक नहीं लग सका है। गांव कुआं खेड़ा खालसा में भी पिंजरा छह दिन बाद भी खाली है। पिंजरे में शाम को फिर बकरी को बांधा गया है। ताकि तेंदुआ उसे खाने के लिए वहां पर आए और पिंजरे के अंदर घुसने पर उसमें कैद हो जाए।
इसी गांव से कुछ दूरी पर गन्ने के खेत में एक मृतक तेंदुआ भी वन विभाग को मिल चुका है। इस महीने में विभिन्न स्थानों पर तीन तेंदुए की मौत हो चुकी है। डिप्टी रेंजर ने बताया कि यदि कुआं खेड़ा खालसा में तेंदुआ पिंजरे में कैद नहीं हुआ तो उसे वहां से हटाकर गांव वीरू वाला में लगाया जाएगा। उनका मानना है कि तेंदुआ वहां से कहीं आसपास क्षेत्र में चला गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई तेंदुए सक्रिय हैं, लेकिन यह पता नहीं है कि क्षेत्र में कितने तेंदुए इस समय मौजूद हैं।
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