कांठ। मछली पकड़ते वक्त अनियंत्रित होकर अचानक नदी में गिरकर डूबे 17 वर्षीय समीर की तलाश के लिए दूसरे दिन भी एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें छोटी रामगंगा में रेस्क्यू करती रहीं, लेकिन शाम तक भी टीमों को कोई भी सफलता नहीं मिल पाई। अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली और टीमों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं।
मूल रूप से कांठ के मोहल्ला पट्टीवाला के रहने वाले शाकिर कई वर्षों से परिवार समेत निकटवर्ती जनपद बिजनौर के सहसपुर स्थित मोहल्ला सराय कलां में रह रहे हैं। शाकिर चंडीगढ़ में काम करते हैं, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे सहसपुर में रहते हैं। बृहस्पतिवार को उनका बेटा समीर (17) अपने फुफेरे भाई जुबैर को साथ लेकर कांठ के राजीपुर खद्दर-पैंदापुर मार्ग स्थित छोटी रामगंगा नदी पुल के पास मछली पकड़ने गया था। तभी यहां मछली पकड़ते वक्त समीर अचानक अनियंत्रित होकर नदी में गिरकर डूब गया था। उसे तलाशने के लिए यहां एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगी हुई थीं। बृहस्पतिवार की देर शाम तक भी समीर का कोई सुराग नहीं लगने पर शुक्रवार की सुबह फिर से एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जिस स्थान पर समीर डूबा था, वहां से लेकर काफी आगे तक शुक्रवार को पूरा दिन टीम उसकी तलाश में जुटी रही। लेकिन शाम तक भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह, सीओ सुनीता दहिया, नायब तहसीलदार सिद्धार्थ सक्सेना ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई और समीर की तलाश जुटी टीमों से बात कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। नदी में डूबे समीर को तलाशने के लिए अधिकारियों ने ड्रोन कंट्रोलर टीम को भी लगाया है।