मुरादाबाद। जिला अस्पताल स्थित कोरोना आशंकित लोगों के सैंपल जांचने के लिए आरटीपीसीआर लैब को खुले 15 दिन हो गए हैं। लैब में अभी तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। लैब संचालन के लिए प्रशिक्षित स्टाफ ही नहीं है। जिसके चलते सैंपलों की जांच शुरू करने के लिए तारीख पर तारीख बढ़ रही है। शनिवार को भी सैंपल जांच शुरू नहीं हो सकी है। अब रविवार से जांच शुरू होने का दावा किया जा रहा है। आरटीपीसीआर के सैंपल जांच के लिए ग्रेटर नोएडा भेजे जा रहे हैं।
मुरादाबाद जिला संक्रमण के लिहाज से प्रदेश के टॉप टेन जिलों में शामिल है। संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार के स्तर पर तमाम कवायद हो रही हैं। ट्रू नेट मशीन के बाद जिला अस्पताल में आरटीपीआर लैब स्थापित की गई है। 11 जुलाई को दो करोड़ की लागत से बनी लैब का विधिवत उद्घाटन किया गया। लैब में 96 सैंपल एक बार में जांचने की मैनुअल मशीन है। मशीन में एक बार सैंपल लगाने के चार घंटे बाद रिपोर्ट आती है। इस लिहाज से दो शिफ्ट में मशीन से 192 सैंपलों की जांच संभव है। लेकिन लैब में प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से चार एलटी को अटैच किया गया है। इनमें मात्र एक एलटी प्रशिक्षित है। जिसके चलते लैब में जांचें शुरू नहीं हो पा रही हैं।
एक पखवाड़े में लैब में सैंपल जांच शुरू होने की तारीख पर तारीख बढ़ रही है। शनिवार को भी नई तारीख तय थी, लेकिन सैंपलों की जांच नहीं हुई। आरटीपीसीआर के सैंपलों को जांच के लिए जीआईएमए ग्रेटर नोएडा भेजा जा रहा है। पहले केजीएमयू सैंपल जा रहे थे। इससे सैंपल रिपोर्ट आने में दो दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
- ट्रू नेट मशीन और आरटीपीसीआर लैब की जांचें अलग-अलग हैं। आरटीपीसीआर के लिए चार लैब टक्नीशियन अटैच हैं। इनमें एक ही प्रशिक्षित है। रविवार से लैब में जांच शुरू की जाएगी। 15 से अधिक सैंपल की जांच संभव नहीं होगी। स्टाफ बढ़ने और आटोमेटिक मशीन मिलने पर सैंपल बढ़ाए जाएंगे।
- डा. नीलमणि माइक्रो बायोलॉजिस्ट।