मुरादाबाद। एक फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट गौरव के पांच वर्षीय पुत्र ध्रुव को अगवा करने के मामले में पुलिस खुलासे के बेहद करीब है। पुलिस की अब तक की पड़ताल में यह सामने आ रहा है कि यह अपहरण किसी गैंग द्वारा नहीं किया गया है। इसमें किसी करीबी का ही हाथ है। एसएसपी के मुताबिक एक दो दिन में ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
मझोला थाना क्षेत्र के लाइनपार रामलीला मैदान के पास रहने वाले गौरव ने शुक्रवार को अपने पांच साल के पुत्र ध्रुव के 30 लाख रुपये की फिरौती के लिए अपहरण की सूचना पुलिस को दी थी। जिसके बाद से पुलिस की टीमें उसे खोजने में जुट गईं थीं। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे कौशांबी से मुरादाबाद आने वाली बस में अपहरणकर्ताओं के बच्चे को छोड़ जाने की जानकारी पुलिस को मिली थी। गाजियाबाद की पुलिस के सहयोग से बालक के मिल जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली थी। बच्चे की सकुशल वापसी के बाद पुलिस अपहरण के इस मामले के खुलासे में जुट गई। पुलिस की तीन टीमें रविवार को भी इस मामले की तह तक जाने में लगी रहीं। जिसके बाद से पुलिस को काफी कुछ तथ्य हासिल हुए हैं। सबसे अहम यह है पुलिस यह मान रही है कि यह अपहरण किसी गैंग द्वारा नहीं किया गया है। चूंकि इस तरह का कोई प्रमाण पुलिस को नहीं मिल रहा है। अपहर्ताओं की किडनैपिंग स्टाइल से लेकर बालक को छोड़ने तक का पूरा प्रकरण स्टडी किया जा रहा है। यह अन्य किडनैपिंग की वारदातों से पूरी तरह भिन्न है। ऐसे में पुलिस ने दूसरे ट्रैक पर काम शुरू किया है। जिसके बाद से इस पूरे मामले में शक की सूई करीबियों पर ही आकर टिक गई है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने भी स्पष्ट तौर पर बताया कि इस अपहरण कांड में किसी गैंग का हाथ नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस इस पूरे मामले के आरोपियों तक पहुंच चुकी है। एक दो दिन में पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया जाएगा।