मुरादाबाद। लाइनपार का जयंतीनगर इलाका बदहाल है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। साफ-सफाई पर किसी का ध्यान नहीं है। यहां के लोग शिकायत करते करते थक चुके हैं लेकिन हासिल कुछ नहीं हो रहा है। मुहल्ले वालों का कहना है कि चुनाव के दौरान जरूर विकास की बातें की जाती हैं लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं। चुनाव जीतने के बाद तो किसी ने आकर देखा तक नहीं है। यहां के लोगों में जनप्रतिनिधियों को लेकर खासा आक्रोश है।
जयंतीपुर की लगभग 20 हजार आबादी के लिए मौजूद सड़क पर जगह जगह गड्ढे हैं। यहां गलियों की नालियों की स्थिति काफी खराब हैं। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है।
लगा है कूड़े का ढेर
जयंतीपुर मस्जिद के बगल में रहने वाले गुलाब नबी ने बताया कि एक दशक से कूड़े का ढेर उनके घर के सामने है। यहां कूड़ा प्रतिदिन जलाया जाता है लेकिन ढेर कम नहीं होता है। इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई। फिर भी कूड़े का ढेर नहीं हटाया गया। इस वजह से आस पास के लोग परेशान रहते हैं।
नालियां चोक पड़़ी हैं
जयंतीपुर निवासी फरीद का कहना है कि यहां पर नालियां चोक होने के कारण बजबजा रही हैं। गली में सफाई तक नहीं होती है। गंदगी के बीच आवागमन के लिए लोग मजबूर हैं।
सफाई से कोसों दूर है मोहल्ला
मोहल्ले के रहने वाले मुंशी अली का कहना है कि जंयतीपुर की गलियों की सफाई व्यवस्था काफी बदतर है। यहां लोगों के आने पर कूड़े का ढेर, टूटी और बजबजाती नालियों के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता है।
गलियों में गंदा पानी भर जाता है
युसूफ का कहना है कि नालियां चोक होने के कारण गर्मी के दिनों में भी गंदा पानी भर जाता है। यहां से लोग निकलने से भी बचते हैं। लेकिन मजबूरी में जाना पड़ता है। कई बार शिकायत की गई मगर सुधार नहीं हो सका है।
गंदगी से बूढ़े बच्चे सभी परेशान
जयंतीपुर निवासी अशरफ अली का कहना है कि मोहल्ले में करीब 20 हजार की आबादी है। नालियों की गंदगी से बूढ़े बच्चे सभी परेशान रहते हैं। गलियों में बराबर कूड़ा पड़ा रहता है. सफाई की कोई माकूल व्यवस्था नहीं है।
पार्षद ने भी कुछ नहीं किया
मोहल्ले के रहने वाले इशहाक का कहना है कि यहां नालियों की सफाई और कूड़े को हटाने के लिए पार्षद ने भी कुछ नहीं किया। सभी लोग परेशान हैं। नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी यहां की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं।
गंदगी से बना रहता है कि बीमारी का खतरा
जयंतीपुर के आसिफ का कहना है कि महिलाएं अपने घरों के सामने गलियों की सफाई करती हैं। कलियों में कीचड़ भरा रहता है। इस वजह से बीमारियों का संकट बना रहता है। गलियों में फागिंग भी नहीं होती है।
सभी सड़कें पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं
स्थानीय शोएब का कहना है कि यहां सड़कें और गलियां दोनों बर्बाद है। चुनाव में जनप्रतिनिधि वोट लेने के लिए तरह तरह के वादे करते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई ध्यान नहीं देता है। नगर निगम का भी कोई अफसर ध्यान नहीं है।
शिकायत करते करते लोग थक चुके हैं
जयंतीपुर निवासी भूरा का कहना है कि शिकायत कर यहां के लोग थक चुके हैं। यहां की टूटी नालियों की लंबाई बढ़ती गई। सत्ता पक्ष के नेताओं के क्षेत्र की सड़कें और गलियां बेहतर हैं। वहीं विरोधी दलों की गलियों की स्थिति खराब होती जा रही हैं।