मुरादाबाद। दो माह तक दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, अमरोहा, रामपुर, बरेली, चंदौसी, आगरा रूट की बसों की शहर में नो एंट्री रहेगी। रामगंगा पुल बंद होने के बाद इन रूटों की बसों का संचालन अस्थायी बस अड्डों से होगा। सिर्फ बिजनौर, हरिद्वार, सहारनपुर, देहरादून रूट से आने वाली बसें कांठ रोड होते हुए मुरादाबाद डिपो पर पहुंचेंगी।
रोडवेज प्रबंधन ने बसों के संचालन के लिए प्लान बना लिया है। संभल, चंदौसी, आगरा, अलीगढ़ की बसें टीपी नगर से चलेंगी और वापसी में वहीं पर यात्रियों को उतारेंगी। रामपुर, लखनऊ, बरेली, दिल्ली, मेरठ, अमरोहा, रामनगर, हल्द्वानी, टनकपुर, राजस्थान, हरियाणा की बसें एमडीए कार्यालय के पास बनाए गए अस्थायी बस अड्डे से मिलेंगी।
मंगलवार तक दिल्ली, मेरठ, अमरोहा की बसों का संचालन मुरादाबाद डिपो से किया गया लेकिन बुधवार से दो माह तक ऐसा नहीं होगा। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव बेशक कम होगा लेकिन यात्रियों को काफी परेशानी होगी। लखनऊ व दिल्ली रूट से आने वाले सभी यात्रियों को नया मुरादाबाद से शहर में आने के लिए ऑटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ा।
रोडवेज प्रबंधन के मुताबिक मुरादाबाद से दिल्ली, मेरठ के लिए 100 से ज्यादा बसें चलती हैं। इतनी ही संख्या बरेली, रामपुर व लखनऊ के लिए चलने वाली बसों की है। आगरा, अलीगढ़, संभल व चंदौसी रूट पर बसों की संख्या 80 है। इन तीनों मार्गों पर रोजाना 25 हजार यात्री सफर करते हैं। इन सभी को दो माह तक परेशानी का सामना करना होगा।
बसों से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
बसों से संबंधित जानकारी के लिए परिवहन निगम ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। दिल्ली, मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, गाजियाबाद, हापुड़ आदि रूटों पर सफर करने वाले यात्री किसी भी पूछताछ के लिए मोबाइल नंबर 8726005894 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं रामपुर, बरेली, लखनऊ, संभल, चंदौसी, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ जाने वाले यात्री 8726005895 पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। यह नंबर 24 घंटे खुले रहेंगे।
नई व्यवस्था के विरोध में उतरे कर्मचारी संगठन
अस्थायी बस अड्डों से बसों के संचालन के विरोध में कर्मचारी संगठन उतर आए हैं। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह का कहना है कि पहले प्रशासन को मजबूत व्यवस्था बनानी चाहिए, इसके बाद डायवर्जन लागू किया जाए। अस्थायी बस अड्डों पर यात्रियों और कर्मचारियों के लिए मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। पीने के पानी, शैचालय, टिनशेड से लेकर सुरक्षा के इंतजाम भी चौपट हैं। न ही घोषणा करने के लिए वहां कोई एंपलीफायर सिस्टम है। ऐसे में यात्रियों व कर्मचारियों दोनों को असुविधा होगी। ऑटो रिक्शा चालक इसका फायदा उठाते हुए मनमाना किराया वसूलेंगे। यूपी रोडवेज इंप्लायज यूनियन ने भी नई व्यवस्था का विरोध जताते हुए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। वहीं कर्मचारी संघ कमिश्नर व डीएम से इस संबंध में मुलाकात करेगा।
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जिला प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था के मुताबिक अस्थायी बस अड्डों से बसों का संचालन किया जाएगा। इन बस अड्डों पर स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। पूछताछ के लिए 24 घंटे स्टाफ की तैनाती की गई है।
- ममता सिंह, आरएम, परिवहन निगम