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डेढ़ सौ छात्राओं को नहीं दी गई परीक्षा में एंट्री, हंगामा

Sun, 07 Aug 2016 12:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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हंगामा - फोटो : demo
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 उत्तर प्रदेश जल निगम में स्टेनो व लिपिक पदों पर भर्ती के लिए शनिवार को एपटेक कंपनी की ओर से आयोजित की गई परीक्षा में करीब डेढ़ सौ छात्राओं को परीक्षा केंद्र पर एंट्री नहीं दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। रोके जाने पर भड़की छात्राआें ने परीक्षा केंद्र बनाए गई आईएफटीएम यूनिवर्सिटी पर जमकर हंगामा किया और पाकबड़ा थाने पहुंचकर कंपनी स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी। 

जल निगम की इन भर्तियों के लिए शहर में आईएफटीएम यूनिवर्सिटी समेत दो परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा दोपहर साढ़े बारह बजे से डेढ़ बजे तक होनी थी। इसके लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के साथ ही उत्तराखंड के काशीपुर और रामनगर से भी बड़े पैमाने पर छात्र - छात्राएं पहुंचे थे। परीक्षा देने आई काशीपुर की अलका, ठाकुरद्वारा की आरती दिवाकर, आकांक्षा यादव, कंचन, भारती समेत करीब डेढ़ सौ छात्राओं को परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी गई।
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इन छात्राओं से कहा गया कि उन्हें साढ़े ग्यारह बजे तक आना था जबकि छात्राएं 11 बजकर 50 मिनट पर परीक्षा केंद्र पहुंची थीं। छात्राओं ने एंट्री कार्ड में परीक्षा का वक्त साढ़े बारह पड़ा होने का तर्क देकर एंट्री की कोशिश की लेकिन कंपनी ने एंट्री देने से इंकार कर दिया।

छात्राओं का आरोप है कि स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की और धक्के देकर उन्हें परीक्षा केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। छात्राओं का आरोप है कि इसी दौरान कई पहचान वाले छात्र- छात्राओं को एंट्री दे दी गई जबकि वह सवा बारह बजे पहुंचे थे। छात्राओं ने कंपनी के अधिकारियों और स्टाफ के खिलाफ एक संयुक्त तहरीर पाकबड़ा थाने पहुंचकर दी है।

जल निगम की परीक्षा थी। इसमें हमारा कोई रोल नहीं है। सरकार और प्राइवेट कंपनी के बीच एग्जाम कराने के लिए अनुबंध है। आईएफटीएम ने कंपनी को सिर्फ अपना परिसर और कंप्यूटर दिए थे। बाकी सारे इंतजाम कंपनी के थे। कंपनी के स्टाफ ने ही परीक्षा कराई, उससे यूनिवर्सिटी का कोई लेनादेना नहीं है। - मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर आईएफटीएम यूनिवर्सिटी।

उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा स्टेनो और आरबीसी पदों के लिए भर्ती की जा रही है। भर्तियां सीधे मुख्यालय स्तर से हो रही हैं। विभाग ने भर्तियों का जिम्मा एपटेक कंपनी को सौंपा है। शनिवार को परीक्षा थी, हमने इंतजामों की बाबत संबंधित विभागों को पत्र लिख दिया था। यदि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलती है तो हेडक्वार्टर को अवगत कराया जाएगा। -  आरपी पांडेय, अधीक्षण अभियंता, जल निगम।

परीक्षा केंद्र पर हमारे साथ स्टाफ ने बदसलूकी की। सुपरवाइजर अमरनाथ ने लड़कियों को धक्के देकर बाहर निकाला और भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया। हमने थाने में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हमारी परीक्षा दोबारा से कराई जाए। - अलका, काशीपुर।

सरकारी नौकरी के लिए वैसे ही कम अवसर हैं। अब इस तरह बेईमानी करके हमसे एक अवसर छीना जा रहा है। वक्त से पहुंचने के बावजूद हम लोगों को एंट्री नहीं दी गई। जबकि कई छात्र - छात्राएं जो हमसे बाद में पहुंचे थे उन्हें अंदर एग्जाम में जाने दिया गया। सरकार को परीक्षा रद्द कर देनी चाहिए।-  भारती, ठाकुरद्वारा।
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डीएम ने बैठाई जांच, अफसर तलब
मुरादाबाद। बड़ी संख्या में छात्राओं की परीक्षा छूटने के मामले में डीएम जुहैर बिन सगीर ने जांच बैठा दी है। जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जल निगम के अफसरों को कॉल किया गया है। किसी भी अभ्यर्थी के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर मामले को शासन को रेफर किया जाएगा।
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