बिलारी। सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी से जुड़ी बिलारी और मझावली चीनी मिल में नो केन की स्थिति बन रही है। दोनों चीनी मिलों में गन्ने की मुक्त खरीद शुरू हो गई है। चीनी मिलें ऑफर लक्ष्य के अनुसार अभी तक गन्ना पेराई नहीं कर पाई हैं।
गन्ना समिति बिलारी के विशेष सचिव आरके पाठक ने शनिवार दोपहर समिति स्टाफ के साथ बैठक कर चीनी मिलों के अब तक के पेराई सत्र की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के बाद समिति सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि करीमगंज चीनी मिल गन्ना आपूर्ति न मिलने पर बंद हो गई है जबकि बिलारी और मझावली चीनी मिल में लगातार नो केन की स्थिति बन रहीं है। जरूरत के मुताबिक गन्ना न मिल पाने की स्थिति में अब दोनों चीनी मिलों में गन्ने की मुक्त खरीद शुरू हो गई ताकि कोई भी किसान सीधे अपना गन्ना चीनी मिल पर ले जा सके। किसान की गन्ने की ताैल पर्ची वहीं पर बन जाएगी।
समिति सचिव ने स्पष्ट किया कि गन्ना समिति कार्यालय से तीनों चीनी मिलों को वर्तमान पेराई सत्र के लिए गन्ना आपूर्ति का जो ऑफर भेजा गया था उसे अभी तक कोई भी चीनी मिल पूरा नहीं कर पाई है। बिलारी चीनी मिल ने 59.30 लाख क्विंटल के सापेक्षा 41.30 लाख क्विंटल, मझावली चीनी मिल ने 8.11 लाख क्विंटल के सापेक्ष 5.35 लाख क्विंटल और करीमगंज चीनी मिल ने 7.71 लाख क्विंटल के सापेक्ष 5.53 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। बिलारी चीनी मिल ने बीत चार फरवरी तक खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है।