मुरादाबाद। पिछले साल मार्च में शुरू हुई कोरोना महामारी एक फिर से सिर उठाने लगी है। जिले में मार्च के छह दिन में ही नौ पॉजिटिव केस मिल चुके हैं, जबकि पिछले साल मार्च में सिर्फ एक संक्रमित मरीज मिला था। ऐसे में महामारी की जंग में सचेत रहे। सामाजिक दूरी बनाएं और मास्क से फिर से दोस्ती कर लें। वरना हालात बिगड़ते देर न लगेगी।
मार्च 2020 में लॉकडाउन के दौरान जिले में पहला पॉजिटिव केस मिला था। संक्रमित मरीज मिलने से दशहत फैल गई थी। हर कोई डरा सहमा था। इसके बाद संक्रमण की रफ्तार बढ़ती गई। रविवार तक जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 11900 पहुंच गई। वहीं फरवरी में 33 केस पर सिमटी कोरोना की पारी मार्च के छह दिनों में नौ केस पर पहुंच गई है। जो संक्रमण के बदलते तेवर को दर्शाता है। लेकिन दूसरी ओर लोग लापरवाह होने लगे हैं। सामाजिक दूरी टूट रही है। मास्क से भी दूरी बनने लगी है। इस महामारी को लेकर बरती गई लापरवाही भारी पड़ सकती है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ी तो पुराने हालात बन सकते हैं। ऐसे में सामाजिक दूरी बनाने और मास्क से एक बार फिर यारी करने की जरूरत है।
दस महीने में फरवरी में सबसे कम 33 केस
मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल में दस महीने में फरवरी में सबसे कम 33 पॉजिटिव केस मिले हैं। इससे पहले सिर्फ मार्च 2020 में सबसे कम एक पॉजिटिव केस मिला था। सितंबर में सबसे अधिक 3297 संक्रमित मरीज मिले थे।
- मार्च 2020 कोरोना संक्रमण का शुरुआती दौर था। इसे छोड़ दिया जाए तो इस साल फरवरी में अभी तक सबसे कम 33 पॉजिटिव केस मिले हैं। संक्रमित मरीजों का ग्राफ गिरना लोगों की सतर्कता का नतीजा है। लेकिन मार्च में अभी तक नौ केस मिल चुके हैं। इसलिए इस सतर्कता को आगे भी जारी रखने की जरूरत है। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ