मुरादाबाद। कच्चे माल की महंगाई और अमेरिकी टैरिफ से चोट खाए पीतलनगरी के निर्यातकों की निगाह अब न्यूयार्क शो पर है। रिटेल डील का शो होने और सुरक्षा से जुड़ी कड़ी पाबंदियों के कारण मुरादाबाद के कारोबारी इस निर्यात मेले में सीधी हिस्सेदारी तो नहीं करते लेकिन वहां दर्शक की तरह जाकर हस्तशिल्प की खरीद-बिक्री का ट्रेंड भांपने की कोशिश जरूर करते हैं। लेटेस्ट ट्रेंड सेंटर की श्रेणी में आने वाले इस मेले में नई टैरिफ दर के बाद मुरादाबादी हस्तशिल्प के प्रति खरीदारों का कैसा रुझान रहा, यह जानना हर कारोबारी की चाहत है।
न्यूयार्क मेला आठ जनवरी से शुरू हो रहा है। न्यूयार्क के अलावा अटलांटा, शिकागो शो से अमेरिका में मेलों की श्रृंखला पूरी होती है। इन मेलों में अमेरिका के बड़े खरीदार मुरादाबाद से लिए गए उत्पादों का अपने स्तर से प्रदर्शन करते हैं। अमेरिकी खरीदारों की इन उत्पादों में दिलचस्पी समझकर मुरादाबाद के निर्यातक अमेरिका में निजी बिजनेस डील तय करते रहे हैं। इस बीच अमेरिका की टैरिफ दरों से वहां के बाजार में मुरादाबादी उत्पादों की मांग महंगाई के कारण घट गई थी। ऐसे में शहर के निर्यातक यह देखना चाहते हैं कि टैरिफ लागू होने के बाद मुरादाबादी उत्पादों के प्रति ठिठके अमेरिकी खरीदारों के रुख में अब कितना बदलाव आया है।
द हैंडीक्रॉफ्ट एक्सपोर्ट एसोसिएशन के सचिव सतपाल का कहना है कि अमेरिका में निर्यात उत्पादों के बड़े शोरूम हैं। इन शोरूम संचालकों की मुरादाबादी उत्पादों के प्रति सक्रियता से अमेरिका में कारोबार के भविष्य की तस्वीर आंकने का मौका मिलेगा। देखा जाएगा कि टैरिफ लागू होने के बाद इतने दिन गुजरने से भारतीय हस्तशिल्प के प्रति अमेरिकी बाजार और खरीदार का रुख कितना बदला है।
निर्यातक बोले-
- शहर के कुछ निर्यातक इस मेले में सिर्फ विजिट करते हैं। इससे उन्हें अमेरिकी बाजार में हस्तशिल्प उत्पाद के ट्रेंड की जानकारी मिलती है। अमेरिकी बाजार से मुरादाबाद के हस्तशिल्प के कारोबार की आने वाले दिनों स्थिति का अंदाजा लगाते हैं। - नावेद उर्रहमान, प्रेसीडेंट, एमएचईए
- इस मेले में स्टॉल लगाने का मौका नहीं होता। टैरिफ के कारण महंगाई ज्यादा होने से अमेरिकियों की दिलचस्पी भी मुरादाबाद के प्रोडेक्ट के प्रति घटी है। इसीलिए यहां के निर्यातक वहां जाने से बचते हैं, भरोसेमंद माध्यमों से फीडबैक लेते हैं। - विकास अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट, मुरादाबाद एसईजेड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
- टैरिफ की मार की वजह से अमेरिकी मेले में जाने में निर्यातकों की रुचि घटी है। लेकिन वे निर्यातक जा रहे हैं, जिनकी अमेरिका के खरीदारों से इस दौरान मीटिंग तय है। - सुरेश कुमार गुप्ता, चेयरमैन, आईआईए हैंडीक्रॉफ्ट डेवलेपमेंट कमेटी