मुरादाबाद। पश्चिम एशिया के युद्ध का असर पीतलनगरी के निर्यात पर साफ दिखाई देने लगा है। अब निर्यातक नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। क्योंकि समुद्री मार्गों पर अस्थिरता, शिपमेंट में देरी, मालभाड़े में बढ़ोतरी और भुगतान संबंधी दिक्कतों से पश्चिम एशिया के कई देशों में कारोबार प्रभावित हुआ है। पीतलनगरी के निर्यातक अपनी रणनीति बदलते हुए दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, मेक्सिको, तुर्किये समेत 10 देशों में नए बाजार विकसित करने में जुटे गए हैं। निर्यातकों को इनमें से कुछ देशों से शुरुआती ऑर्डर भी मिलने लगे हैं। जिससे हस्तशिल्प उद्योग को नए बाजारों से उम्मीद जगी है।
निर्यातकों का कहना है कि किसी भी एक क्षेत्र पर निर्भर रहना अब जोखिम भरा साबित हो रहा है। इसलिए नए देशों में खरीदारों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। ईपीसीएच के अनुसार, भारत सरकार और भारतीय दूतावास के सहयोग से विभिन्न देशों के राजदूतों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, बॉयर-सेलर मीट और डिजिटल मार्केटिंग के जरिए हस्तशिल्प उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया गया है। ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि हस्तशिल्प उत्पादों के प्रचार-प्रसार और खरीदारों से संपर्क बढ़ाने का अभियान चल रहा है। इससे नए खरीदारों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और निर्यात को नई गति मिलेगी। निर्यातकों का कहना है कि यदि नए बाजार विकसित हो जाते हैं तो भविष्य में किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर कारोबार पर उसका असर काफी हद तक कम होगा।
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इन देशों पर रहेगा फोकस
दक्षिण अफ्रीका
ब्राजील
मेक्सिको
तुर्किये
मिस्र
इजराइल
लैटिन अमेरिकी देश
स्पेन
इटली
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निर्यातक बोले...
-भारतीय दूतावास के सहयोग से करीब 10 नए देशों में खरीदारों तक पहुंच बनाई जा रही है। व्यापार मेलों और बॉयर-सेलर मीट के जरिए भारतीय हस्तशिल्प को नए बाजार और नए आयातक मिल रहे हैं।-डॉ. नीरज खन्ना, चेयरमैन, ईपीसीएच
-पश्चिम एशिया में युद्ध ने कारोबार प्रभावित किया है। अब दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और लैटिन अमेरिकी देशों में नए बाजार विकसित किए जा रहे हैं। जिससे निर्यात अधिक स्थिर और सुरक्षित बनेगा।-विवेक अग्रवाल, निर्यातक
-डिजिटल मार्केटिंग और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों के जरिए नए खरीदार जुड़ रहे हैं। आने वाले सालों में नए बाजारों से हस्तशिल्प निर्यात में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद है।-जेपी सिंह, चेयरमैन, यंग एंटरप्रेन्योर सोसायटी