ठाकुरद्वारा। नगर की पश्चिम दिशा में स्थित कुड़का नदी से 15 साल बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा है। नगर पालिका ने न तो नदी की सफाई कराई है और न ही नदी किनारे किए गए पक्का निर्माण ही हटाया है। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण लोग बाढ़ आने की आशंका से परेशान हैं।
पिछले शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में मोहल्ला वार्ड आठ, पांच, 13, 16 के लोगों ने नदी के किराने हुए अतिक्रमण को लेकर ज्ञापन सौंपा था। एसडीएम प्रीति सिंह ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन छह दिन बाद नगर पालिका ने कोई कार्रवाई नहीं की।
लोगों ने नदी किनारे पक्का निर्माण कर लिया है। अतिक्रमण के कारण नदी के पानी की निकासी अवरुद्ध है। बारिश में नदी में बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं। ठाकुरद्वारा नगर की करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित होती है। नंगलिया सड़क पर बने चारों वार्ड स्थित घरों में पानी घुस जाता है। इस क्षेत्र में कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी है। बाढ़ आने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। वार्ड पांच के सभासद अंकित शर्मा व वार्ड आठ के समीउल्ला खान ने दो माह पहले बोर्ड की बैठक में इस समस्या को उठाया था। नदी की सफाई की मांग की थी। वार्ड 13 के सभासद सुहैल खान ने बताया कि नदी के पानी की निकासी नंगलिया सड़क के अलावा रतूपुरा चौराहे पर भी अवरुद्ध है। इस स्थिति में बारिश होने पर नदी का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित कुमार का कहना है कि मोहल्ले के लोग लगातार इस मांग को प्रशासन और नगर पालिका के समक्ष रख रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। इस क्षेत्र में स्थित करीब 40 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में पानी घुसने से भी संचालकों को नुकसान होता है।
नगर पालिका परिषद ठाकुरद्वारा के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान सैफी का कहना है कि अभी एसडीएम का आदेश नहीं मिला है। उनका कहना है कि नदी सिंचाई विभाग के अंतर्गत आती है। इसकी सफाई सिंचाई विभाग को ही करवानी चाहिए। यदि कोई आदेश मिलेगा तो उस पर कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।