मुरादाबाद। प्रथमा बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक के कोरोना पॉजिटिव आने की जानकारी निजी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी। अस्पताल ने प्रबंधक को होम आइसोलेट कर दिया। घर रहने पर जब प्रबंधक को घबराहट होने लगी तो प्रबंधक ने खुद के पॉजिटिव होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रबंधक को टीएमयू में रेफर किया। प्रबंधक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। इससे पहले भी टीएमयू में एक महिला की कूदने से मौत हो गई थी। इसमें भी निजी अस्पताल की लापरवाही सामने आने पर उसे सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की हरथला जोन की सह प्रभारी डा. रिचा लोचब के मुताबिक रामगंगा विहार निवासी रोजश कुमार ने कांठ रोड एक निजी अस्पताल में अपना इलाज कराया। डायबिटीज होने के चलते उनको संक्रमण की आशंका थी। अस्पताल ने उनका सैंपल किया और पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं दी। प्रबंधक को होम आइसोलेट कर दिया। प्रबंधक की तबीयत बिगड़ने लगी और उसने खुद फोन कर जोन प्रभारी सुधीर अग्रवाल से अस्पताल में भर्ती करवाने की गुहार लगाई। जोन प्रभारी ने जब छानबीन की तो स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में प्रबंधक होने की कोई जानकारी नहीं थी। प्रबंधक की जान बचाने के लिए निजी अस्पताल से प्रबंधक के पॉजिटिव रिपोर्ट ली गई और इसके बाद उन्हें टीएमयू में भर्ती किया गया। सीएमओ डा. एमसी गर्ग का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। निजी अस्पताल की लापरवाही साबित होने पर कार्रवाई की जाएगी।