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जांच में निर्दोष पाया गया नवाब, गोकशी में जेल भेजने वाला दरोगा निलंबित

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मुरादाबाद। गोकशी के आरोप में जेल भेजा गया मंगावाला निवासी नवाब जांच में बेगुनाह निकला। उसने ही गोकशी की सूचना देकर पुलिस की सहायता की थी। पुलिस ने उल्टे उसे ही गोकशी का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। एसएसपी हेमंत कुटियाल ने जांच कराई तो सच्चाई सामने आई। उन्होंने नवाब को जेल भेजने वाले दरोगा को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने नवाब को जेल से छुड़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को कोर्ट में पुलिस ने 169 की रिपोर्ट दाखिल की।
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भगतपुर के मंगावाला निवासी महिला राबिया ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर मदद की गुहार लगाई थी। राबिया ने बताया था कि 25 मई की रात पति नवाब को सूचना मिली कि कुछ लोग पशु कटान किए जाने की तैयारी कर रहे हैं। नवाब ने एक मस्जिद की छत पर छिपकर मोबाइल से वीडियो बनाई थी। एक व्यक्ति एक पशु की रस्सी पकड़ कर जाता हुआ दिखाई दिया। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी पीछे पीछे टॉर्च लेकर जा रहा था। नवाब के शोर मचाने पर गांव के अन्य लोग आ गए थे। इसके बाद आरोपी गाय छोड़कर भाग गए थे। तब नवाब ने पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलने पर दरोगा सुभाष चंद्र अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और गाय लेकर आ गए थे। कुछ देर बाद ही दरोगा ने पूर्व प्रधान को कॉल कर नवाब को थाने बुलवा लिया था। इसके अलावा उसी गांव के अहमद यार को भी पुलिस पकड़कर थाने ले आई थी। अगले दिन पुलिस ने नवाब और अहमद यार के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी दिखा दी थी। अमर उजाला ने नवाब की सच्चाई प्रकाशित की थी। इसके बाद ही एसएसपी हेमंत कुटियाल ने मामले की जांच एसपी देहात विद्या सागर मिश्र को सौंपी थी। उन्होंने गांव पहुंचकर लोगों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा उस स्थान को भी देखा था, जहां से नवाब व अन्य लोगों ने वीडियो बनाई थी। जांच पूरी करने के बाद एसपी देहात ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी थी। जांच में उप निरीक्षक सुभाष चंद की कार्यशैली संदिग्ध प्रतीत बताई गई। नवाब के खिलाफ आरोप झूठे पाए गए। इसी आधार पर पुलिस ने 169 सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। जबकि दूसरे आरोपी अहमद यार के खिलाफ जांच जारी रहेगी। जांच से उप निरीक्षक सुभाष चंद के खिलाफ लगाए गए आरोपों साबित होने पर उन्हें दोषी माना गया। एसएसपी हेमंत कुटियाल ने दरोगा को निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
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