इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन ने दिन भर निगाह रखी। चूंकि नसीमद्दीन ने अपना कार्यक्रम पहले ही घोषित कर रखा था तो प्रशासन को आशंका इस बात की थी कि नसीमुद्दीन कहीं आश्वासन के बाद भी ईदगाह मैदान में न पहुंच जाएं। हालांकि प्रशासन ने शाम तक का सब्र नहीं किया और इससे पहले ही सर्किट हाउस पर जाकर नसीमुद्दीन को नोटिस तामील करा दिया।
बावजूद इसके जबकि वह ईदगाह मैदान में गए ही नहीं। हालांकि इस बाबत एडीएम सिटी राजेन्द्र सेंगर का कहना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी की ओर से सीएए के विरोध में ईदगाह स्थित धरना स्थल पर जाने का कार्यक्रम घोषित किया था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किया है। वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं तो यह बात साफ हो जाएगी ओर नोटिस का अस्तित्व स्वत: ही खत्म हो जाएगा।
सीएए देश की सुरक्षा के लिए खतरा: चौधरी आसिफ
ईदगाह मैदान पर चल रहा धरना शनिवार ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सभा में सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए सीएए को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। साथ ही इसके वापस न लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने का भी ऐलान किया।
धरना स्थल पर हुई सभा में चौधरी आसिफ ने कहा कि सीएए से देश की सुरक्षा को खतरा है। चांद खां ने कहा कि सरकार किसी एक धर्म के लोगों के वोट की राजनीति के कारण देश को कमजोर करने का काम कर रही है। सरकार को देश की बेरोजगारी, गरीबी, शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।
जब घर के बच्चे भूखे हों तो पड़ोसी की दावत नहीं की जाती। देश के नौजवानों के पास नौकरी नहीं है और दूसरों को बुलाया जा रहा है। धरने को साहिल शम्शी, अजीम गुड्डू, अंबर जावेद, बब्बन अब्बासी, शाकिर खां, अतीक अहमद, जकी राइनी, आशु मुरादाबादी, वकी रशीद, असलम खां, शाजिया, रिहाना, सना, सलमा आदि ने भी संबोधित किया।