कुंदरकी। मंगलवार की देर रात तक तेज हवा के साथ बारिश होने और ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुईं हैं। तेज हवा चलने से सरसों की फसल खेतों में गिरी नजर आई जिससे पैदावार पर असर पड़ सका है।
वहीं खेतों में बारिश का पानी भरने से आलू और गाजर की खुदाई भी रुक गई। वहीं आलू की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
भाकियू टिकैत के मंडल उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी का कहना है कि किसान दोहरी मार झेल रहा है क्योंकि बेमौसम बारिश से आलू की फसल प्रभावित हो रही है और बाजार में किसान को आलू का भाव नहीं मिल पा रहा है जिसके चलते इस साल किसान की आलू की फसल पर लगाई लागत भी नहीं लौटेगी।
भाकियू नेता ने सरकार से किसान हित में आलू का निश्चित भाव निर्धारण करने की मांग की है। उधर बुधवार को सूर्य चमकने से मौसम साफ हो गया और धूप खिलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिल गई है। लोगों ने धूप में बैठकर राहत पाते नजर आए।