अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को लेकर केंद्र सरकार के रुख के खिलाफ शनिवार को शांति मार्च निकाला गया। कमिश्नरी से कलेक्ट्रेट तक किए गए शांति मार्च में हर वर्ग लोग शामिल हुए। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया गया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इसके पूर्व मुरादाबाद मुस्लिम डिग्री कालेज में एएमयू पर चर्चा की गई।
एएमयू ओल्ड ब्वाज एसोसिएशन के बैनर तले हुई बैठक में पूर्व मेयर डा. एसटी हसन ने कहा कि केंद्र सरकार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक का दर्जा समाप्त करना चाहती है। जबकि अलीगढ़ विवि को एक मुस्लिम अल्पसंख्यक प्रकृति की संस्था के रूप में स्वीकार किए जाने या न किए जाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर अल्पसंख्यक विरोधी होने का आरोप लगाया। परिचर्चा के बाद मंडलायुक्त कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक शांति मार्च निकाल विरोध जताया गया। शांति मार्च में सभी धर्मगुरु भी मौजूद रहे। इस दौरान शहर इमाम सैयद मासूम अली आजाद, पादरी पाल सारस्वत, पादरी बृजेश मैंसल, शिया इमाम मौलाना मुजफ्फर सुल्तान हसन तोराबी, सरदार गुरविंदर सिंह, मोहम्मद नकवी, सपा अल्पसंख्यक सभा के महानगर उपाध्यक्ष मैथ्यूस आर मैसी, अरबाब मेंहदी, जुनैद एजाज, सबीउर्रहमान, डा. जमील अहमद खां, सैयद मसीरूल हसन आदि मौजूद रहे।