शनिवार सुबह अपने बौद्धिक में देश के सभी 130 करोड़ लोगों को हिंदू बताने वाले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक डा. मोहन राव भागवत दोपहर होते - होते बुनियाद अली, अनीस और नासिर को शॉल के साथ अपनेपन की गर्माहट भी ओढ़ा गए। इन तीनों ने संघ के नवनिर्मित कार्यालय ओम भवन में काम किया था।
भागवत के हाथों शॉल ओढ़कर यह तीनों भी भावुक हो गए। बोले, जीवन का यह सबसे बड़ा दिन है। भागवत ने क्या बोला, यह तो इन्हें याद नहीं। लेकिन तीनों का कहना था कि भागवत ने जो भी बोला बहुत अच्छा बोला। उनकी कही हरेक बात अच्छी थी।
सर संघचालक डा. मोहन भागवत ने शनिवार को गांधी नगर में संघ के नवनिर्मित कार्यालय ओम भवन का लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद संघ प्रमुख ने कहा कि स्वयंसेवक साधनों का भरपूर उपयोग करें लेकिन खुद को साधन के आधीन न होने दें। प्रयास यह करें कि साधन आपके आधीन रहे। ताकि साधन होने या नहीं होने से आपकी कार्यक्षमता प्रभावित न हो।
लोकार्पण के मौके पर संघ के पदाधिकारी तो उपस्थित थे ही। खास बात यह थी कि उन सभी 10 श्रमिकों को भी बुलाया गया था, जिन्होंने संघ दफ्तर को बनाने में अपना योगदान किया। भागवत ने संघ दफ्तर का निर्माण करने वाले सभी 10 श्रमिकों को एक - एक कर सम्मानित किया। इनमें सात हिंदू और तीन मुस्लिम श्रमिक शामिल थे।
भागवत ने मुकेश, रामपाल, बुनियाद अली, विक्रांत, लक्ष्मी, विजयपाल, अनीस, नासिर, अमित, हरिकिशन को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन भी किया। पाकबड़ा के रहने वाले अनीस ने ओम भवन में लकड़ी का काम किया था। भागवत के हाथों सम्मानित होने के बाद वह बहुत भावुक थे।
बोले, पहली बार सम्मानित हुआ हूं, वो भी इतनी बड़ी शख्सियत के हाथों। अनीस ने कहा कि भागवत बहुत अच्छे हैं, जो वह बोलते हैं वह सभी बातें बहुत अच्छी हैं। हरथला निवासी बुनियाद अली ने संघ दफ्तर में पेंट का काम किया था।
इसी तरह समाथल के नासिर ने ओम भवन में पत्थर और टाइल्स का काम किया था। इन तीनों के साथ ही बाकी सात श्रमिक भी संघ प्रमुख के हाथों सम्मानित होने के बाद गद्गद थे।