कुंदरकी के नौ साल पुराने उवैश हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राम अचल यादव की अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया। अदालत ने मुलजिम जर्रार हुसैन और मुसफीक को हत्या में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि हत्यारों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल ब्रजराज सिंह ने बताया कि कुंदरकी के बाकीपुर गांव निवासी तालिब हुसैन ने पांच नवंबर 2010 को कुंदरकी थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया कि गांव में चुनाव को लेकर वादी के बेटे उवैश और शाहिद हुसैन के बीच विवाद हो गया था। इस झगड़े में मकसूद घायल हो गया था। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मकसूद के भाई याकूब के फोन करने पर उवैश गांव के जर्रार हुसैन और मुसफीक के साथ खाना लेकर मुरादाबाद जा रहा था। रास्ते में गन्ने के खेत में जर्रार हुसैन और मुसफीक ने गोली मारकर उवैश की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
इस मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम राम अचल यादव की अदालत में चली। सरकार की ओर से एडीजीसी ब्रजराज सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम जर्रार हुसैन और मुसफीक को हत्या में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जबकि पांच पांच हजार रुपये के अर्थदंड दंडित किया है।