मुरादाबाद। बाइक से स्टंट करने का विरोध करने पर हेड कांस्टेबल के बेटे सहित तीन युवकों ने कार सवार दरोगा पर हमला कर दिया गया। जिससे वह जख्मी हो गए जबकि कार में सवार महिला सिपाही बाल बाल बची। ये वारदात शनिवार की शाम को सिविल लाइन थानाक्षेत्र में अगवानपुर ओवर ब्रिज के पास हुई। सिविल लाइन पुलिस ने हेड कांस्टेबल के बेटे सहित तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हेड कांस्टेबल का बेटा खुद को दरोगा बता कर पुलिसकर्मियों से रौब गालिब कर रहा था।
जख्मी दरोगा दीपक कुमार कांठ थाने में कार्यरत हैं। वह शनिवार को एक किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के लिए महिला सिपाही मीनू के साथ मुरादाबाद आए थे। यहां पर समिति के निर्देश पर किशोरी को उसके परिवार वालों के सुपुर्द कर वापस अपनी कार से कांठ थाने जा रहे थे। उनके साथ महिला सिपाही मीनू भी थी। उनके मुताबिक, जब वे दोनों अगवानपुर ओवर ब्रिज के पास पहुंचे तो देखा कि बाइक पर तीन युवक वहां स्टंट कर रहे थे। जिसकी वजह से राहगीरों को हादसे का डर लग रहा था। दरोगा ने स्टंट करने से बाइक सवार युवकों को रोका तो उन्होंने दरोगा पर हमला कर दिया। कार का शीशा फोड़ दिया। जो कि दरोगा के सिर और गर्दन पर लगा, वह लहूलुहान हो गए। यह देख महिला सिपाही ने फोन कर पुलिस को बुला लिया। एसएचओ सिविल लाइन नवल मारवाहा ने बताया कि पुलिस को देख आरोपी भागने लगे तो उनमें से एक को पीछा कर मौके से पकड़ लिया गया। जो काजीपुरा का रहने वाला सचिन है, उसके पिता पीएसी में हेड कांस्टेबल हैं। उसके दो अन्य साथी मौके से भाग गए थे, जिनको उनके घर से गिरफ्तार किया गया है। उन दोनों आरोपियों के नाम काजीपुरा निवासी अंकित और नवीन नगर निवासी मोहित है। दरोगा का मेडिकल कराया गया है।