दसवां घाट रामलीला समिति के प्रवक्ता धर्मेंद्र यादव ने बताया कि रामलीला आयोजन में बृहस्पतिवार को राम-भरत मिलाप का मंचन होना था। प्रतिदिन रात आठ बजे रामलीला का मंचन शुरू हो जाता है। कलाकार मंचन के लिए मंच पर आए ही थे, कि तभी नगर निगम के अधिकारियों ने विभाग की ओर से लगे जेनरेटर को बंद कर दिया। इसकी वजह से रामलीला का मंचन शुरू नहीं हो सका। अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया गया, लेकिन उन्होंने सुनवाई नहीं की। इसी जद्दोजहद में रात दस बजे मंचन बंद रहा। बाद में समिति पदाधिकारियों ने अपने स्तर से जेनरेटर की व्यवस्था की। इसके बाद मंचन शुरू कराया गया। हर वर्ष राजगद्दी शोभायात्रा तक प्रकाश की व्यवस्था रहती है। इस दौरान स्थानीय लीला प्रेमी भी काफी परेशान हुए। समिति अध्यक्ष यथार्थ किशोर और महामंत्री आदित्यवीर सिंह के अनुसार दसवां घाट रामलीला समिति 80 साल पुरानी है। इतनी पुरानी रामलीला होने के बावजूद अधिकारियों का यह व्यवहार परेशान करने वाला है।
2021 में धरने पर बैठे थे कलाकार
धर्मेंद्र यादव ने बताया कि वर्ष 2021 में नगर निगम की ओर से रामलीला मंचन के लिए प्रकाश की व्यवस्था नहीं की थी। इसकी वजह से कलाकार और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए थे। उन्होंने मोमबत्ती लेकर मंच पर ही धरना-प्रदर्शन किया था। इसकी वजह से तीन दिन तक मंचन भी नहीं हो सका था, जबकि नगर निगम के कागजों में रामलीला मंचन के लिए जेनरेटर देने की बात कही गई थी। यह तथ्य सामने आने के बाद जब अधिकारियों पर दबाव बढ़ा तो उन्होंने जेनरेटर उपलब्ध करवाया था। कभी विद्युत विभाग और कभी नगर निगम इसी तरह का व्यवहार करता है।
रामलीला समिति को रावण दहन तक जेनरेटर का परमिशन था। कल रावण का दहन हो गया। इसी कारण जनरेटर की सुविधा नहीं दी गई है। अब अपने खर्च से लोग लीला का मंचन कर सकते हैं। -
अनिल सिंह, अपर नगर आयुक्त