सात साल पुराने एक हत्याकांड में अपने खिलाफ समन जारी होेने बाद मुरादाबाद के सांसद सर्वेश सिंह ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने सांसद को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। बाद में जिला जज की अदालत से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
डिलारी थानाक्षेत्र के हौसपुरा निवासी रूप सिंह की मई 2010 में हत्या कर दी गई थी। रूप सिंह की पत्नी ने प्रमोद कुमार, करन सिंह, रघुवीर सिंह और योगेंद्र सिंह के खिलाफ पति की हत्या का केस दर्ज कराया था। चंद्र प्रभा ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि घटना वाले दिन वह अपने पति रूप सिंह के साथ खाना खा रही थी।
इसी दौरान आरोपी आए और रूप सिंह को अपने साथ बुलाकर ले गए थे। इसके बाद रूप सिंह के साथ मारपीट कर उसे मरणांसन्न हालत में रास्ते में फेंक कर फरार हो गए थे। इलाज को ले जाते समय रूप सिंह की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें एक की मौत हो चुकी है।
रूप सिंह की पत्नी चंद्र प्रभा, बेटे और एक अन्य गवाह दलवीर ने कोर्ट में गवाही दी थी। जिसमें उन्होंने घटना में सांसद सर्वेश सिंह के शामिल होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था इलाज को ले जाते समय रूप सिंह ने सर्वेश सिंह का नाम लिया था।
चंद्रप्रभा और उसके बेटे के बयान के आधार पर सरकारी वकील ने सांसद को मुल्जिम बनाने के लिए कोर्ट में 319 सीआरपीसी की अर्जी दी थी। जिसे मंजूर करते हुए 13 मार्च को अदालत ने सांसद सर्वेश सिंह के खिलाफ समन जारी कर उन्हें तलब किया था।
गुरुवार को सांसद सर्वेश सिंह ने एडीजे टू की अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उन्हाेंने जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की। सुनवाई के बाद अदालत ने सांसद को जमानत पर रिहा कर दिया।