मुरादाबाद। अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में रामपुर के सपा सांसद एवं पूर्व मंत्री आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को कोर्ट में तलब किया गया है। विवेचक के प्रार्थना पत्र पर बहस के बाद कोर्ट ने इसकी मंजूरी दे दी। पिता-पुत्र को एमपी-एमएलए स्पेशल न्यायाधीश की अदालत में तलब करने के लिए चार नवंबर की तारीख तय की गई है।
रामपुर में पुरानी आवास विकास कालोनी निवासी मुस्तफा हुसैन की ओर से रामपुर के सिविल लाइंस थाने में सांसद एवं पूर्व मंत्री आजम खां, मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन, आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम, सैयद आरिफ हसन, रामपुर नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अजहर खां, संभल के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां समेत कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि 30 जून 2019 को मुरादाबाद के मुस्लिम डिग्री कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस केस की विवेचना रामपुर क्राइम ब्रांच कर रही है। मामले की सुनवाई मुरादाबाद स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल न्यायाधीश एडीजे-2 की अदालत में चल रही है।
केस के विवेचक ने सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला को सीतापुर जेल से कोर्ट में तलब करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शाहनवाज सिब्तेन ने भी पिता-पुत्र को कोर्ट में तलब करने की मांग का प्रार्थना पत्र दिया। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई हुई। एमपी-एमएलए स्पेशल न्यायाधीश एडीजे-2 पुनीत गुप्ता ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम को चार नवंबर को कोर्ट में तलब होने के आदेश दिए हैं। इसके बाद सीतापुर जेल के लिए वी वारंट जारी कर दिया गया।
विवेचक ने रामपुर नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अजहर खां के गिरफ्तारी वारंट के लिए भी प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीष भटनागर ने बताया कि रामपुर के पूर्व चेयरमैन के गिरफ्तारी वारंट पर अभी निर्णय नहीं हो पाया है।