अधिकारियों ने मेरे बेटों, पत्नी, मेरे बूढ़े भाई, बूढ़ी बहन यहां तक की मरी हुई मां के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया। मेरे साथियों पर भी मुकदमा दर्ज कर दिया। कुछ को जेल भेज दिया और कुछ इस आशंका में शहर छोड़ गए हैं कि उनके साथ बहुत बुरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई जाति या धर्म की नहीं थी। सिर्फ और सिर्फ जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों की जिद की वजह से मुकदमे हुए। उन्होंने कहा कि हमें कोर्ट से इंसाफ की उम्मीद है। कोर्ट ने इंसाफ दिया और भविष्य में मिलेगा। जिन लोगों ने फर्जी मुकदमे दर्ज करवाएं हैं कानून का हाथ उनके गिरेबान तक भी पहुंचेगा।
भाजपा को पता है वह सीट नहीं जीत सकती
आजम खां ने कहा कि भाजपा को पता है कि वह रामपुर विधानसभा सीट पर चुनाव नहीं जीत सकती है। भाजपा अगर यहां से चुनाव जीतने की स्थिति में होती तो यहां से कैंडिडेट होते नहीं, बल्कि होंती।
कार्यकर्ताओं को एक-एक दरवाजे पर जाने को कहा
आजम खां ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह उप चुनाव को लेकर रामपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले एक-एक घर पर जाएं। उनको सरकार और प्रशासन के जुल्मों के बारे में जानकारी दें। बताएं कि जुल्मों का हिसाब करना है तो किसको जीतवाना है। उन्होंने कहा कि इस उप चुनाव में हमें जुल्मों का हिसाब पूरा करना है। आजम खां ने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि वो कानून को अपने हाथ में ना लें।