हापुड़ के सिंभावली थाना इलाके के गांव खुड़लिया के पास सड़क हादसे में मां मीना पाराशर और बेटे दीपक पाराशर की मौत हो गई लेकिन परिजनों ने देर शाम तक दीपक की पत्नी को यह नहीं बताया कि उसके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं। पत्नी को बताया गया कि कार दुर्घटनाग्रस्त होने पर सभी लोग घायल हो गए हैं।
उनका इलाज चल रहा है। रामगंगा विहार फेस -2 सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल के पीछे रहने वाले दीपक पाराशर दिल्ली रोड स्थित एक एक्सपोर्ट फर्म में कार्यरत थे। वह कार से अपने पिता दयानंद पाराशर (रिटायर्ड बैंक मैनेजर) और मां मीना को लेकर दिल्ली सब्जी मंडी के पास में रहने वाली बुआ आशा पाराशर के घर जा रहे थे।
बारिश के बीच सिंभावली (हापुड़) के गांव खुड़लिया के पास कार खंभे से टकरा गई। कार सवार दीपक पाराशर और उनकी मां मीना पाराशर की मौके पर मौत हो गई। पिता दयानंद पाराशर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पिता का मेरठ में इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलने पर रिश्तेदारों ने हापुड़ जिले के सिंभावली पहुंचकर घटना की जानकारी ली। परिवार के लोगों ने बताया कि रिटायर्ड बैंक मैनेजर के दो पुत्र हैं। बड़े भाई दीपक पाराशर की मौत हो गई और उनका छोटा भाई आशीष अपनी बेटी का एडमिशन कराने के लिए विदेश गया है।
दीपक की दो बेटियां यशिता (8) और वंशिका (6) हैं। हादसे की जानकारी मिलने पर परिवार के करीबी और रिश्तेदार दीपक के घर पहुंचे। परिजनों ने दीपक की पत्नी पुनीता को बताया कि उसके पति, सास और ससुर कार दुर्घटना में घायल हो गए हैं। तीनों का इलाज चल रहा है।
बेटियों ने पूछा मेरे पापा क्यों नहीं आए
इस बीच दीपक की दोनों बेटियां अपनी मां से सवाल कर रही थी कि पापा अभी क्यों नहीं आए। कहां गए हैं पापा। बेटियों के सवाल परिजनों के दिलों पर घाव जैसे लग रहे हैं। दीपक की एक महिला रिश्तेदार ने बताया कि अब परिवार को संभालना मुश्किल हो गया है। दीपक के भाई आशीष भी घर नहीं हैं। दोनों भाइयों के परिवार को संभालना कठिन हो गया है।