बिलारी। नगर में स्टेशन रोड स्थित एक मैरिज हॉल में रविवार दोपहर विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में हिंदू समाज से जात-पात में न बंटकर आपस में एक रहने का ऐलान किया गया। इस दौरान सनातन संस्कृति में नारी शक्ति का विशेष स्थान बताया गया। सम्मेलन में बिलारी नगर और देहात के विभिन्न ग्रामों से बड़ी संख्या में हिंदू समाज के महिलाओं और पुरुषों ने प्रतिभाग किया।
हिंदू सम्मेलन में अनुसूचित जाति जनजाति आयोग की पूर्व सदस्य साध्वी गीता प्रधान ने नारी शक्ति का महत्व विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि देश में समरसता का भाव हो। मातृ शक्ति हिंदुत्व का आधार है और समाज की प्रेरणा भक्ति है। उन्होंने कहा कि नारी के बिना राष्ट्र अधूरा है और सनातन संस्कृति में नारी का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि मां ही अपने बच्चे को धर्म की लोरी सुनाकर सही मार्ग पर ले जाती है। सम्मेलन में स्वामी सत्यदेव महाराज ने कहा हिंदू समाज में आपस में एकजुटता के लिए जात-पात में बंटने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों में राष्ट्र भक्ति की भावना जागृत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र ही हमारा देव और हमारा ईश्वर है।
सम्मेलन में पंचदशनाम जूना अखाड़ा के प्रकाशपुरी महाराज और रामजीपुरी महाराज, परमहंस अद्वेत मत के स्वामी प्रेमानंद जी महाराज, आरएसएस के प्रांत शारीरिक प्रमुख अनुज कुमार, वृंदावन धाम के आचार्य सत्यदेवानंद महाराज आदि ने भी विचार रखे। अध्यक्षता चौधरी महेंद्र सिंह और संयुक्त संचालन पुष्पेंद्र सिंह व विवेक सिंह ने किया। सम्मेलन आयोजन में हिंदू समिति बिलारी के पुष्पेंद्र सिंह, राकेश कुमार, दिनेशसिंह, कुलदीप सिंह, संजय राणा, दिग्विजय सिंह, सुहासिनी सिंह, पप्पू चौधरी, उदयवीर सिंह, उत्कर्ष, लक्ष्य आदि का विशेष सहयोग रहा। सम्मेलन के दौरान लक्ष्मण सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने काली ड्रेस में शिव नृत्य भी प्रस्तुत किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिंदू समाज के महिलाएं और पुरूषों ने भाग लिया।
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