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बालक की पहली गुरु होती है माता : पाठक

Tue, 09 Dec 2025 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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बिलारी। नगर के रायसत्ती मंदिर के कुमार कार्तिकेय हॉल में चल रही श्रीराम कथा का सोमवार देर शाम विश्राम हो गया। कथा विश्राम पर स्थानीय अधिकारियों और नागरिकों ने कथाव्यास का सम्मान किया। उधर कथा के अंतिम दिन कथा सुनने भक्तों की भीड़ उमड़ी।
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कथा के अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि बालक के निर्माण में माता का बहुत बड़ा हाथ होता है क्योंकि माता बालक की प्रथम गुरु होती है। माता का कर्तव्य है कि वह अपने बालक को शुभ संस्कार दे और भगवान की ओर प्रेरित करे। कथा व्यास ने कहा कि हमारे इतिहास में ऐसी माताएं हुई हैं जिन्होंने अपने मातृत्व की रक्षा की है।
भक्त ध्रुव की माता सुनीति, चैतन्य महाप्रभु की माता शची, लक्ष्मण की माता सुमित्रा। यह यह ऐसी माताएं हैं जिन्होंने अपने बालकों को अच्छी शिक्षा देकर भगवान की सेवा में समर्पित कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि बालकों को संस्कारवान होना बहुत जरूरी है और यह संस्कार मां के द्वारा ही प्राप्त होते हैं।
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कथा के सत्र के अंत में कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक द्वारा लिखी गई भजनामृत नामक पुस्तक का एसडीएम विनय कुमार सिंह, तहसीलदार अंकित गिरी, नायब तहसीलदार विजय कुमार श्रीवास्तव, उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जैन, दुष्यंत चौहान,यादकुमार डुडेजा, सुरेंद्र कुमार चुग, शिवओम गुप्ता व अखिलेश श्रीवास्तव आदि ने किया।
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