मुरादाबाद। मोबाइल पर गेम देखने वाला छात्र बुधवार की रात बार-बार अपनी मां और बहन को छत पर बुला रहा था लेकिन कोई नहीं पहुंचा। करीब 11 बजे मां घरेलू काम निपटाने के बाद छत पर पहुंची तो उसका बेटा कपड़े सुखाने वाली रस्सी को फंदा बनाकर लटका हुआ था। महिला की चीख पुकार सुनकर अन्य परिजन आ गए। जिंदगी की आस में मासूम को फंदे से उतारकर अस्पताल लाया गया लेकिन उसकी सांसें थम चुकी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी लटकने से मौत की पुष्टि हुई है।
एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि फंदे से लटक कर जान देने वाले छात्र का परिवार मूलरूप से उत्तराखंड के चंपावत जिले का निवासी है। छात्र के पिता करीब 20 साल पहले मुरादाबाद में आकर मझोला क्षेत्र में शंकर नगर में बस गए थे। पिता कपड़े की दुकान पर काम करते हैं। छात्र के परिवार में मां-बाप के अलावा बड़ा भाई है जो नौवीं में पढ़ता है। बहन सातवीं कक्षा में पढ़ती है। पिता ने पुलिस को बताया कि बुधवार की शाम चौथी कक्षा में पढ़ने वाला 11 वर्षीय छोटा बेटा अपने दोस्त के साथ घर से बाहर खेलने गया था। इसके बाद वह अपनी ताई के घर आकर बैठ गया। शाम करीब सात बजे वह अपनी ताई के घर से भी आ गया। इसके बाद वह अपनी बड़ी बहन के साथ छत पर मौजूद था। करीब साढ़े आठ बजे बहन छत से नीचे उतर आई। इसके बाद छात्र ने छत पर कपड़े सुखाने वाली रस्सी के सहारे फंदा लगा लिया। पिता ने बताया कि उसका बेटा पढ़ाई में होशियार था। वह खाली समय में मोबाइल पर पर गेम देखता था। आशंका जताई जा रही कि मोबाइल पर उसने कोई ऐसा गेम तो नहीं देख लिया जिससे उसने अपनी जान दे दी हो। पिता का कहना है कि उन्होंने मोबाइल चेक किया है। मोबाइल में ऐसा कोई गेम सर्च नहीं किया गया है।
बच्चों में आत्महत्या एक गंभीर मुद्दा है जिसके पीछे कई जटिल कारण हो सकते हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि माता-पिता, शिक्षक और समाज के सभी सदस्य बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहें और उन्हें भावनात्मक समर्थन प्रदान करें। खुले संवाद, धैर्य और सही समय पर डॉक्टर या काउंसलर की मदद से हम ऐसे दुखद हादसों को रोकने में सहायक हो सकते हैं। -डॉ. ज्योति चौधरी, मानसिक रोग विशेषज्ञ