मुरादाबाद। ग्रेटर नोएडा में आयोजित हस्तशिल्प निर्यात मेले के दूसरे दिन मंगलवार को मुरादाबाद के उत्पाद छा गए। यहां के फैक्टरियों में बनने वाला सिंगिंग बाउल यूरोपीय ग्राहकों के दिलों में संगीत बजाने में कामयाब रहा जिसने भी इस उत्पाद की मधुर ध्वनि सुनी, वह पूछताछ के लिए मजबूर हो गया। यूरोप और यूके के बीस से अधिक स्टोर संचालकों ने इसके सैंपल मांगे हैं। कारोबारियों को अच्छी संख्या में ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
दूसरे दिन कई उत्पादों के ऑर्डर फाइनल भी हो गए हैं, जिन्हें जनवरी तक भेजना होगा। दूसरे दिन मेले में यूरोप और यूके के ग्राहकों की अच्छी संख्या में मौजूदगी रही। इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड में लगे निर्यात मेले में 3061 स्टॉल में से 950 मुरादाबाद के उद्यमियों के हैं। यहां के कारोबारियों के पास प्लांटर, सुराही, कैंडल स्टैंड, मूर्तियों से लेकर गार्डन फर्नीचर, रेस्टोरेंट की क्रॉकरी तक के तमाम वैरायटी उपलब्ध है। हालांकि इस बार मेले में अमेरिकी ग्राहकों की संख्या बेहद कम है लेकिन चीन पर लगे अतिरिक्त टैरिफ का फायदा पीतलनगरी के हस्तशिल्पियों को मिल सकता है।
निर्यातक सुरेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि अतिरिक्त टैरिफ लगने से मुरादाबाद के उत्पाद चीन के उत्पादों की तुलना में सस्ते हो जाएंगे। वहीं उन्होंने यह भी आशंका जताई कि ट्रंप सरकार भारतीय उत्पादों पर भी टैरिफ बढ़ा सकती है। निर्यातक विशाल अग्रवाल बताते हैं कि सिंगिग बाउल यूरोप व यूके ग्राहकों को काफी पसंद आया है। इसके अलावा घर की सजावट, धार्मिक व दैनिक उपयोग की चीजें खरीदने के लिए ग्राहक सैंपल मांग रहे हैं।
ईपीसीएच के महानिदेशक राकेश कुमार का कहना है कि इस बार निर्यात मेले में 110 देशों के 3500 से ज्यादा ग्राहक हैं। 1500 से अधिक संख्या घरेलू ग्राहकों की है। बड़ी संख्या में ग्राहक आने से हस्तशिल्पियों को लाभ होना तय है। सिर्फ धातु उत्पाद ही नहीं बल्कि कपड़े के उत्पाद भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। शीशे से बने सजावट के सामानों की अच्छी मांग है। ईपीसीएच का कहना है कि अच्छे कारोबार की उम्मीद है लेकिन अभी कोई आंकड़ा तय कर देना जल्दबाजी होगी।
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नई रेंज की सराहना, अर्जेंटिना व तुर्किये से भी उम्मीदें
- ईपीसीएच के मुताबिक विदेशी ग्राहकों ने हस्तशिल्प उत्पादों की नई रेंज की सराहना की है। निर्यातकों को यूके व यूरोप के अलावा अर्जेंटिना व तुर्किये से भी उम्मीदें हैं। ऑस्ट्रेलिया व रूस के प्रतिनिधिमंडल ने भी अच्छी प्रतिक्रिया दी है। ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि दूसरे दिन कई देशों, विशेष रूप से यूरोपीय देशों से खरीदारों की भारी आवाजाही देखी गई जिससे व्यावसायिक माहौल काफी व्यस्त रहा। उन्होंने नई रेंज की सराहना की और कुछ ने तो ऑर्डर भी फाइनल कर दिए हैं। नीदरलैंड्स से आए हांस होल्टरमैन इस मेले में लगातार पांचवीं बार आए हैं। उन्होंने बताया कि वह भारत से फर्नीचर खरीदने के इच्छुक हैं और ऑर्डर फाइनल कर रहे हैं। फ्रांस की खरीदार लोपेज मैरिएन, दक्षिण कोरिया के खरीदार सैमसन ने भी उत्पादों की सराहना की।
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लगातार हिस्सा लेने वाले निर्यातक बने ब्रांड एंबेसडर
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने बताया कि दूसरे दिन मेले में औद्योगिक विकास व निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई व निर्यात प्रोत्साहन, निर्यात आयुक्त आलोक कुमार, गौतमबुद्धनगर की डीएम मेधा रूपम ने मेले का दौरा किया। जो प्रदर्शक लगातार आईएचजीएफ फेयर में भाग ले रहे हैं, उन्हें आज हस्तशिल्प क्षेत्र के ब्रांड एंबेसडर के रूप में सम्मानित किया गया। मुरादाबाद से सिमरन, गगन दुग्गल, सतीश धीर, इकराम उल हक, विनय गुलाटी, विकास अरोड़ा, अनुज गर्ग आदि निर्यातकों को सम्मानित किया गया।