बात करते-करते उसके मामा के लड़के को आवाज आई कि जितेंद्र किसी सुरेश का नाम लेकर कह रहा था कि आप मुझे क्यों मार रहे हो। इसकी जानकारी उसने जितेंद्र के परिजनों को दी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब दस बजे तक परिजन ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश करते रहे लेकिन उसका पता नहीं चला।
तब परिजन ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। ग्रामीणों व परिजनों ने शनिवार सुबह जितेंद्र की दोबारा तलाश शुरू की तो उन्हें जंगल में जितेंद्र का शव मिला। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
खेत में सड़क के किनारे खून के निशान मिले और एक यूकेलिप्टस का डंडा पड़ा था। अनुमान है कि इसी डंडे से ही उसके सिर पर वार कर हत्या की गई। हत्या के बाद शव को घसीट कर थोड़ी दूरी खेत में फेंक दिया गया। परिजनों ने बताया कि उसे सभी अंगों पर चोट के निशान थे।
जितेंद्र की बाइक घटना स्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर हरकेस के धान के खेत में मिली। जितेंद्र की मौत से माता सुमुत्रा देवी, पिता लोलिन सिंह, भाई बबलू व राजकुमार, बहन राजो, राधा व सुशीला का रो-रो कर बुरा हाल है। एसपी देहात ने बताया कि तहरीर के आधार पर सुरेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। उसके दोस्त से पूछताछ की जा रही है।
कार को लेकर था विवाद
जितेंद्र कुमार की फोन पर आवाज आ रही थी सुरेश मुझे मत मारो। सुरेश और जितेंद्र दोस्त थे। दोनों साथ-साथ रहते थे। जितेंद्र कुमार के पास एक कार कर थी। सुरेश अन्य दोस्तों के साथ इसी कार से घूमता था। कुछ महा पूर्व लखनऊ में जितेंद्र कुमार का शांति भंग में चालान हुआ था। जिस कार से वह घूमते थे उसी को विवाद था।