मुरादाबाद कलक्ट्रेट स्थित एसडीएम सदर कोर्ट के सामने कुछ लोगों ने महिला, उसके बेटे और भतीजे को पीटना शुरू किया। शोरशराबा होने पर पहुंचे कलक्ट्रेट के सुरक्षाकर्मियों ने हमलावरों से उनहें बचाया। महिला ने बताया कि पिटाई से पहले उसे विरोधी पक्ष के अधिवक्ता ने धमकाया था।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। भगतपुर थाना क्षेत्र के गांव बेलवाड़ा निवासी आजम ने दो जुलाई को गांव के अरबाज, शुएब, कमरूद्दीन व शमशुद्दीन के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया था।
आरोप था कि 30 जून की शाम वह अपने घर के सामने मोबाइल फोन देख रहा था। वह पड़ोसियों द्वारा इंस्टाग्राम पर गलत कमेंट देखकर गुस्से में आ गया। उसने पड़ोसियों से कमेंट हटाने के लिए कहा। आरोप था कि पड़ोसियों ने आजम के घर में घुसकर मारपीट की।
इस मामले में भगतपुर पुलिस ने पांच जुलाई को शुएब और कमरुद्दीन का शांतिभंग में चालान कर दिया। बृहस्पतिवार को आरोपी शमशुद्दीन और उसके चचेरे भाई अरबाज की एसडीएम सदर कोर्ट में तारीख निर्धारित थी। वह मां सलमा बीबी, चाचा मासूम अली और चचेरे भाई अरबाज के साथ एसडीएम कोर्ट पहुंचा।
शमशुद्दीन का आरोप था कि केस की सुनवाई के दौरान आजम के बहनोई भी आ गए। बहनोई ने केस से नाम कटवाने के लिए दबाव बनाया। बाहर निकलते ही दबंगों ने मां बेटे और भतीजे को पीट दिया।
भगतपुर के थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कमरुद्दीन और शोएब का शांति भंग की आशंका में चालान किया गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी मनीष सक्सेना का कहना है कि इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।