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UP: आरटीओ के दस्तावेजों में कट गए वाहन, सड़कों पर दौड़ रहे उनके भूत, स्क्रैप प्रमाणपत्र नहीं कर रहे जमा

Fri, 05 Jul 2024 04:42 PM IST
विमल शर्मा अमित कुमार, अमर उजाला मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद आरटीओ में कट चुके वाहन सड़क पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। जिनसे हादसे का खतरा बना हुआ है। कई वाहन स्वामियों ने स्क्रैप हो चुके वाहनों का प्रमाणपत्र भी आरटीओ में जमा नहीं करवाया है। 
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आरटीओ कार्यालय मुरादाबाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आरटीओ में कट चुकी गाड़ियां शहर की सड़कों पर बेखौफ होकर दौड़ रही हैं। इनके मालिकों को पुलिस और परिवहन विभाग का खौफ नहीं है। जिसकी वजह से सड़कों पर हादसे का खतरा बना रहता है। चौक-चौराहों पर खड़ेे पुलिसकर्मी भी इन वाहनाें पर कार्रवाई नहीं करते हैं, जिससे शहर के मार्गों पर इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।

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परिवहन विभाग के नियमानुसार निजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन 15 साल और कामर्शियल वाहनों का 10 साल के लिए होता है। इसके बाद वाहनों को कबाड़ घोषित कर दिया जाता है। इसके तहत वाहनों को स्क्रैप कराकर आरटीओ में चेसिस नंबर और सर्टिफिकेट जमा करना होता है।

जिले में जिन वाहनों को कबाड़ में बेचा जा चुका है, उनमें से कुछ वाहन अभी भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनका चेसिस नंबर और एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) दोनों अलग-अलग गाड़ियों के हैं।
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जबकि जिस वाहन के चेसिस नंबर पर जो भी एचएसआरपी नंबर जारी किया जाता है, उस वाहन पर वही चेसिस नंबर और एचएसआरपी नंबर प्लेट लगी होनी चाहिए। शहर के जामा मस्जिद से ताजपुर, गांगन से संभल चौराहे आदि जगहों पर गाड़ियां चल रही हैं। जिसमें ऑटो, कार, आदि शामिल हैं।

1.27 लाख वाहन 15 वर्ष की आयु कर चुके पूरे

शासन द्वारा स्क्रैप पॉलिसी लागू है। इसके मुताबिक 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जाता है। आरटीओ विभाग के अनुसार जिले में 1.27 लाख वाहन 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।

आरटीओ में जमा करना होता है स्क्रैप प्रमाणपत्र

मुरादाबाद जनपद के जिन वाहनों की आयु 15 साल पूरी हो चुकी है। उन्हें स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप कराना होता है। वाहन स्वामी को सेंटर से वाहन स्क्रैप कराने पर एक प्रमाणपत्र मिलता है। वाहनों की चेसिस नंबर और प्रमाणपत्र को वाहन स्वामी द्वारा आरटीओ कार्यालय में जमा किया जाता है। इसके बाद आरटीओ विभाग के संबंधित अधिकारी द्वारा वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाता है।

15 साल पुराने वाहन का दोबारा कराएं रजिस्ट्रेशन

परिवहन विभाग के अनुसार अगर दो या चारपहिया वाहन चलाते-चलाते 15 साल पूरे हो चुके हैं, तो आरटीओ से उसका दोबारा रजिस्ट्रेशन हो सकता है। वाहन चलने लायक हो और पांच सीटर से अधिक क्षमता का वाहन होने पर उसकी फिटनेस के बाद गाड़ी का रजिस्ट्रेशन किया जाता है।

दो पहिया वाहन व कार के लिए रजिस्ट्रेशन निर्धारित फीस के साथ पांच वर्ष के लिए होता है। वहीं व्यवसायिक वाहनों के लिए आठ साल तक हर दो साल में फिटनेस होता है। आठ साल के बाद एक साल के लिए फिटनेस किया जाता है।

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ये वाहन दौड़ रहे
शहर के जाम मस्जिद से ताजपुर, गांगन से संभल चौहारा आजार नगर समेत कई जगहों पर यूपी 21 डीटी 3303, यूपी 21 एएन 6483, यूपी 21 एएन 7654, यूपी 21 एएन 6093, यूके 18 एटी 1615, यूपी 21 डीटी 6758 आदि नंबर के ऑटो चलाए जा रहे हैं।

अगर इस प्रकार की गाड़ियां शहर में चल रही हैं, तो इसकी जांच कराई जाएगी। विभाग से सूची मगांकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी, ट्रैफिक
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