विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर आरके बंसल ने बताया कि बिल तीन चरणों में जमा होगा। पहला चरण आठ से 30 नवंबर तक है। इसके बाद एक दिसबंर से 15 दिसंबर तक आवेदन करने वालों को 60 फीसदी व 16 से 31 दिसबंर तक आवेदन कर बकाया जमा करने वालों को 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।
ओटीएस यानी एक मुश्त समाधान योजना में विद्युत पहली बार बिजली चोरों को भी रियायत दे रहा है। इसके अलावा घरेलू व औद्योगिक सभी बकायेदार इस योजना के पात्र हैं। आठ से तीन नवंबर तक आवेदन करने पर बकायेदारों को अधिभार में व विद्युत चोरों को राजस्व में 65 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
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निगम के मुताबिक शहर में ऐसे दो हजार लोग हैं जिन पर विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज है। इन पर लगभग 10 करोड़ रुपये का राजस्व है। यदि ये लोग एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए 30 नवंबर से पहले पंजीकरण करेंगे तो इनका 65 फीसदी राजस्व माफ कर दिया जाएगा।
साथ ही बिजली चोरी का मुकदमा भी वापस ले लिया जाएगा। यानी यदि सभी दो हजार लोग समय से आवेदन कर 35 फीसदी भुगतान कर दें तो निगम को 6.5 करोड़ रुपये की छूट देनी होगी। इसी तरह जिन लोगों ने लंबे समय से अपना बिल जमा नहीं किया है। उन्हें सरचार्ज व ब्याज पर छूट मिलेगी।
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विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर आरके बंसल ने बताया कि योजना तीन चरणों में चलेगी। पहला चरण आठ से 30 नवंबर तक है। इसके बाद एक दिसबंर से 15 दिसंबर तक आवेदन करने वालों को 60 फीसदी व 16 से 31 दिसबंर तक आवेदन कर बकाया जमा करने वालों को 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि बकाये का एकमुश्त भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को पंजीकरण के बाद वर्तमान बिल के साथ बकाया राशि जमा करने के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद भुगतान करने पर छूट नहीं मिलेगी।