फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad: केजीके होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज से दो विद्यार्थी निलंबित, फर्जी से तरीके से हुआ था दाखिला

Sun, 13 Nov 2022 11:54 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद

सार

 शासन द्वारा प्राप्त नोटिस को रिसीव करवाने के लिए दोनों विद्यार्थियों को कॉलेज बुलाया था। जब उनसे संदिग्ध दाखिले संबंधी मामले की पूछताछ की गई तो दोनों ही विद्यार्थियों ने इसकी कोई जानकारी होने से इंकार किया है। 
विज्ञापन
फर्जी तरीके से दाखिले में दो छात्र निलंबित - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुरादाबाद के राजकीय केजीके होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के दो विद्यार्थियों को प्राचार्य ने निलंबित कर दिया है। प्राचार्य का कहना है कि दोनों विद्यार्थियों को सात दिन के अंदर लखनऊ निदेशालय में स्पष्टीकरण देना है। प्रदेश में होम्योपैथिक कॉलेजों में हुए छह संदिग्ध दाखिलों में से दो दाखिले मुरादाबाद के राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में मिले थे। प्राचार्य डॉ. डीएस कुशवाहा ने बताया कि दोनों विद्यार्थी मुरादाबाद के हैं। 

विज्ञापन

शासन से नोटिस मिलने के बाद ग्राम जाहिदपुर, सीकमपुर निवासी सरफराज आलम और पुरानी तहसील परिसर टाउनहॉल निवासी पुनीत कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शासन द्वारा प्राप्त नोटिस को रिसीव करवाने के लिए दोनों विद्यार्थियों को कॉलेज बुलाया था। जब उनसे संदिग्ध दाखिले संबंधी मामले की पूछताछ की गई तो दोनों ही विद्यार्थियों ने इसकी कोई जानकारी होने से इंकार किया है। 

 

विद्यार्थियों का कहना है कि उनके परिजनों ने उनका दाखिला करवाया था। इस संबंध में उन्होंने क्या प्रक्रिया अपनाई है, यह जानकारी नहीं है। डॉ. डीएस कुशवाहा का कहना है कि दोनों विद्यार्थी एक वर्ष से पढ़ाई कर रहे थे। अब इन विद्यार्थियों को एक सप्ताह के अंदर नीट के रिजल्ट और अर्हता संबंधी सभी प्रमाणपत्रों को संलग्न कर निदेशक आयुर्वेद सेवाएं उप्र के समक्ष अपना पक्ष रखना है। उन्होंने दोनों के निलंबन के नोटिस को कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया है।


क्या है पूरा मामला

उप्र में जालसाजों ने आयुष कॉलेजों में बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस सीटों पर नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट की ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में सेंधमारी करके 891 सीटों पर फर्जी दाखिले करवा दिए। इस मामले में संदिग्ध छात्रों को नोटिस जारी करने के अलावा उन्हें निलंबित किया गया है। प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से करवाने की भी संस्तुति की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें