मुरादाबाद की सार्वजनिक संपत्तियों के साथ-साथ लोगों के घरों में घुसकर संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे चूहों की शामत आने वाली है। नगर निगम ने इनका काम तमाम करने का जिम्मा केंद्रीय भंडारण निगम को दिया है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चूहों के खात्मे का काम सबसे पहले वार्ड-41 में होगा।
चूहों के सक्रिय स्थानों पर उनके बिल में अथवा उसके आसपास आटा, बेसन व केमिकल से तैयार गोली को रख दी जाती है। चूहे उसे खाकर प्यास लगने पर बिल से बाहर आ जाते हैं और कुछ देर में उनकी माैत हो जाती है। अगले दिन टीम के सदस्य उन स्थानों से मरे चूहों को उठाकर मैनाठेर स्थित पशु दाहगृह ले जाते हैं।
चूहों से नुकसान का मुद्दा कई बार सदन की बैठक में भी उठ चुका है। इसका संज्ञान लेते हुए इस पर नियंत्रण का निर्णय लिया गया है। इसका प्रयोग फिलहाल शहर के एक वार्ड में किया जा रहा है। परिणाम बेहतर मिले और संबंधित वार्ड के लोगों का कार्य के प्रति बेहतर फीडबैक मिला तो इसे शहर के अन्य वार्डों में भी लागू किया जाएगा। - दिनेश चंद्र सचान, मुख्य अभियंता निर्माण, नगर निगम