मुरादाबाद के लाकड़ी फाजलपुर में जमीन घोटाले की पुष्टि हुई है। वहां हजारों फर्जी गाटे बनाकर करोड़ों की हेराफेरी की गई। प्रशासन ने जांच में फर्जी इन्द्राज पाए और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल जारी है। डीएम ने घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुरादाबाद के लाकड़ी फाजलपुर में जमीन के बड़े घोटाले की पुष्टि प्रशासन की जांच में हुई है। जांच में पाया गया है कि कई हजार फर्जी गाटे बनाकर जमीन की फर्जी खरीद-फरोख्त हुई है। गांव की रियल टाइम खतौनी में 40 हजार से ज्यादा गाटे दर्शाए गए हैं, जिनका कुल रकबा 5879 हेक्टेयर है, जबकि खतौनी में कुल 5811 गाटे और रकबा 802 हेक्टेयर है।
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अधिकारियों ने इस अंतर की जांच की और मामला सही पाया गया। फर्जीवाड़ा कर बनाए गए नकली गाटों की पुष्टि हुई है। गांव की खतौनी 2004 में हुई थी। डीएम ने जांच के आदेश देते हुए आशंका जताई थी कि गांव में तहसील स्टाफ की मिलीभगत से लगातार फर्जी इन्द्राज कराए गए।
सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव, एसडीएम सदर डॉ. राममोहन मीना, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी व भोजपुर के नायब तहसीलदार की टीम जल्द ही डीएम को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपगी। रियल टाइम खतौनी में गांव के गाटों में गाटा संख्याओं के आगे डॉट डॉट, सेमीकॉलन जैसे स्पेशल कैरेक्टर लगाकर फर्जी गाटे बनाकर करोड़ों का खेल किया गया।
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ऐसे सभी गाटों के इन्द्राज पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। राजस्व अभिलेखागार से प्राप्त लाकड़ी फाजलपुर से संबंधित सभी मूल अभिलेखों को देखकर जांच टीम नतीजे पर पहुंची है। इससे पहले लाकड़ी फाजलपुर की 120 एकड़ जमीन को मनोहरपुर में जोड़ने का घोटाला सामने आया था।
दोनों मामलों में डीएम ने उन अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित करने के भी निर्देश दिए हैं, जिनके समय में यह घोटाला हुआ था। शासन को इसकी रिपोर्ट लगातार भेजी जा रही है। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने धोखाधड़ी से सरकारी भूमि पर दाखिल खारिज कराया है। इससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, जबकि कुछ रसूखदार लोग फर्जीवाड़ा कर लोगों को लूट रहे हैं।