रामलीला मैदान में दो या तीन माह के अंदर मेला लगता है। मेला समाप्त होने के बाद मैदान की सफाई नहीं होती है। इस वजह से गंदगी फैल गई है। सुरेंद्र कुमार कुंदनपुर
मैदान के चारों तरफ बरसात का पानी भर जाता है लेकिन इस गंभीर समस्या का समाधान कराने के लिए कोई जनप्रतिनिधि आगे नहीं आता है। गंदगी की सफाई भी नहीं होती है। आनंद सिंह सैनी, कुंदनपुर
रामलीला मैदान में किनारे झाड़ियां उग आई हैं। दीवार टूट गई है। यहां नाली चोक पड़ी हंै। गंदगी के कारण सुबह टहलने वाले भी परेशान हो जाते हैं। राजाराम सैनी, कुंदनपुर
मैदान लाइनपार के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। यहां प्रतिदिन सफाई की व्यवस्था नगर निगम को करनी चाहिए। गंदगी से सभी लोगों को दिक्कतें होती हैं। प्रिंस कुमार, कुंदनपुर
रामलीला मैदान में गंदगी को देखते हुए स्थानीय लोगों ने मिलकर सफाई की थी लेकिन फिर कूड़ा फेंकने की वजह से गंदगी हो गई है। रामलीला समिति को इस मामले में ध्यान देने की जरूरत है। ओमप्रकाश कुंदनपुर
सिविल लाइंस के पार्कों की तरह रामलीला मैदान में सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए। यहां मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली सड़क टूट गई है। नगर निगम को सड़क और नाली की सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए। बांकेलाल सैनी कुंदनपुर
लाइनपार में प्रकाशनगर से लेकर रामलीला मैदान तक की व्यवस्था काफी खराब हो गई है। प्रकाशनगर में निर्माण की वजह से सड़कें खोद दी गई। कब तक सड़क दुरुस्त होगी। इस बारे में कोई नहीं जानता है। राजीव कुमार प्रकाशनगर
लाइनपार में आम लोगों की मूल समस्या नाली और खराब सड़कें हैं। आवागमन में परेशानी हो रही है। इस वजह से सभी स्थानीय लोग सड़कों से मिट्टी उठने का इंतजार कर रहे हैं। मोहन कुमार