इसी लालच में आकर छात्रा ने 799 रुपये आरोपी के बताए गए क्यूआर कोड पर भेज दिए। इसके छात्रा के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज आया और लिंक भेज दिया। यह मैसेज आदित्य शमशेर माला के नाम से भेजा गया था। जिसमें प्रोसेसिंग के नाम पर 16 हजार 998 रुपये और भेजे। इसके बाद भी न रकम वापस आई और न ही आईफोन मिला।
पीड़िता ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने उसे झांसा दे दिया कि पुरानी सारी रकम वापस आ जाएगी। आरोपी ने छात्रा से 10 जुलाई से लेकर सात अगस्त के बीच अलग-अलग क्यूआर कोड पर 18 लाख 74 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने यह रकम अपनी मां के दो खातों और अपनी बुआ के खाते से ट्रांसफर की है।
छात्रा ने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी तो उसने बताया कि यह रकम इंटरनेशनल गेटवे में फंस गई है। इसके अलावा भी आरोपी पीड़िता से रकम मांग रहा है। इसके बाद पीड़िता ने अपने पिता को आपबीती सुनाई। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी की जानकारी हुई।
पुलिस अधीक्षक क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साइबर थाने की टीम ने इस मामले की विवेचना शुरू कर दी और पीड़ित की रकम वापस कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी करने में जुटाई जा रही है।
डिप्रेशन में छात्रा, परिजन कर रहे निगरानी
मुरादाबाद। साइबर ठगी की शिकार हुई छात्रा डिप्रेशन में आ गई है। परिवार के लोगों का कहना है कि बेटी बहुत परेशान है। कई बार छात्रा की हालत बिगड़ चुकी है। परिजन डॉक्टर के पास भी छात्रा को ले गए हैं। इसके अलावा छात्रा की निगरानी की जा रही है।