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सोमवार को देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा मुरादाबाद

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मुरादाबाद। विजयदशमी की रात मुरादाबाद का वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। सोमवार सुबह दस बजे मुरादाबाद देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर था। पहले स्थान पर पांच सौ माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर के साथ कर्नाटक का जनपद कलबुर्गी था और पीतल नगरी (मुरादाबाद) का वायु गुणवत्ता सूचकांक 413 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। मुरादाबाद का यह प्रदूषण वर्ष 2020 में सबसे अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण का यह स्तर बहुत ही गंभीर है। इससे स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार हो सकता है।
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महानगर की हवा दिन-प्रतिदिन प्रदूषित होती जा रही है। धूल, धुआं और खतरनाक गैसों से बिगड़ी हवा सांस लेने लायक नहीं है। दीपावली से पहले ही महानगर का वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। सोमवार सुबह शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 413 था, जिसमें पीएम 2.5 और पीएम 10 का अधिकतम स्तर पांच सौ माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 2.5 का स्तर मानक से 16 गुना और पीएम 10 का स्तर मानक से पांच गुना अधिक था। इस दौरान नाइट्रोजन ऑक्साइड गैस का अधिकतम स्तर 145 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
सात बजे प्रदूषण हो गया 424 एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट नेशनल एयर मॉनीटरिंग इंडेक्स पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह सात बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 424 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। इसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर पांच सौ, न्यूनतम 348 और औसत 424 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, पीएम 10 का अधिकतम स्तर पांच सौ, औसत 372 और न्यूनतम 218 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
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प्रदूषण के कारक तत्वों पर नहीं लग रही लगाम
मौसम में बदलाव को जिम्मेदार ठहराने वाले विभागीय अधिकारी गांगन नदी के किनारे फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं और लालबाग क्षेत्र में संचालित अवैध पीतल की भट्ठियों से निकलने वाले धुएं पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। सोमवार को दोपहर करीब एक बजे सिविल लाइंस में पीएमएस स्कूल के पास कूड़े के ढेर में आग लगी हुई थी। जिलाधिकारी ने दस अक्तूबर को सभी कोयले के ईंधन पर आधारित होटलों, रेस्टोरेंटों को गैस में परिवर्तित कराने, जनरेटरों का संचालन रोकने के लिए 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने, सड़कों की धुलाई कराने, गैस उत्सर्जित करने वाले उद्योगों को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए नगर आयुक्त, अधीक्षण अभियंता विद्युत नगरीय और उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए थे। इन पर अमल देखने को नहीं मिला है।
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सुबह दस बजे देश के दस सबसे प्रदूषित शहर
शहर एक्यूआई
कलबुर्गी 500
मुरादाबाद 413
फतेहाबाद 383
बुलंदशहर 370
ग्रेटर नोएडा 369
नोएडा 364
जींद 354
बहादुरगढ़ 352
गाजियाबाद 351
मेरठ 347
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इस वर्ष सबसे अधिक प्रदूषित दिन
दिन एक्यूआई
दो जनवरी 391
चार जनवरी 302
11 जनवरी 371
12 जनवरी 372
14 जनवरी 373
15 जनवरी 342
आठ अक्तूबर 307
19 अक्तूबर 358
25 अक्तूबर 397
वर्जन...
पांच दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बैठक हुई है। प्रदूषण बढ़ने का एक कारण यहां की भौगोलिक स्थिति भी है। मुरादाबाद तराई क्षेत्र में आता है। यहां के वातावरण में नमी बनी रहती है। जाम, कूड़ा-कचरा जलना, फैक्टरियों और अवैध पीतल भट्ठियों का संचालन, सड़क पर पुरानी गाड़ियों का चलना और खराब गुणवत्ता का ईंधन इस्तेमाल होना भी प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह हैं।
- डॉ. अनामिका त्रिपाठी, समन्वयक, नेशनल एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम, हिंदू कालेज
वायु प्रदूषण से सांस फूलने की सबसे अधिक समस्या होती है। सुबह-शाम थोड़ा व्यायाम करें। बच्चे, बुजुर्ग घर से बाहर ज्यादा न घूमें। अक्तूबर-नवंबर के महीने में अस्थमा के मरीज एहतियात बरतें। मास्क पहनकर ही घरों से निकलें, जिससे प्रदूषण और कोरोना वायरस संक्रमण दोनों से ही बचाव संभव हो।
- डॉ. नितिन बत्रा, फिजीशियन।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद किसी विभाग ने कार्रवाई की रिपोर्ट नहीं दी है। मुरादाबाद के अलावा आसपास के जनपदों के भी लगभग ऐसे ही हालात हैं। हवा की गति धीमी होने से प्रदूषण का स्तर बड़ा हो सकता है।
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- विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग
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