मुरादाबाद। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद शहर की आबोहवा जहरीली बनी हुई है। प्रदूषण बरकरार है। शुक्रवार शाम एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 457 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। ऐसे में लगातार बढ़ते प्रदूषण के बीच बारिश से ही आस है। जानकारों के मुताबिक अगर बारिश हो जाए तो वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
दीपावली चौदह नवंबर को मनाई जाएगी। इससे पहले ही मुरादाबाद की आबोहवा खराब हो गई है। करीब हफ्तेभर से शहर का एक्यूआई 400 के पार बना हुआ है। इस बीच मुरादाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया। इसके दूसरे दिन प्रदूषण का लेवल घटा तो शहर दूसरे नंबर पर पहुंच गया। हालांकि पायदान जरूरी खिसका है, लेकिन वायु प्रदूषण अब भी चार सौ के पार ही है। जानकारों के मुताबिक वायु प्रदूषण के लिए जिले की भौगोलिक स्थिति भी जिम्मेदार है। इलाका तराई क्षेत्र में होने से हवा की रफ्तार कम रहती है। हवा ऊपर तक नहीं जा पाती है। यही वजह है कि ट्रोपो सीयर में प्रदूषित हवा का वातावरण नियमित रूप से बना हुआ है।
इनवर्जन प्रक्रिया भी मुख्य कारण
मुरादाबाद। हिंदू कालेज स्थित नेशनल एयर मॉनीटरिंग प्रोग्राम की समन्वयक डा. अनामिका त्रिपाठी ने बताया कि वातावरण में होने वाली इनवर्जन प्रक्रिया भी वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में से एक है। नीचे की हवा गर्म होती है। जो हल्की होती है। जबकि ऊपर की हवा ठंडी होती है, जो भारी होती है। ऐसे में नीचे की गर्म हवा ऊपर नहीं जा पाती है। ठंडी की हवा के दवा से नीचे ही रहती है। ऐसे हालात में अगर बारिश हो जाए तो वायु प्रदूषण में कमी आ सकती है। फिलहाल अभी बारिश के आसार नहीं दिख रहे हैं।