नए सत्र में दाखिले के साथ सम सेमेस्टर की परीक्षा की तैयारी
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय को संबद्धता के लिए मंडल के कॉलेजों की सूची बरेली से मिल गई है। विश्वविद्यालय की योजना है कि वर्ष 2025 में होने वाले दाखिला गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से हों। इसके लिए विश्वविद्यालय की यूजीसी से मान्यता पर कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा पिछले दिनों मुख्यमंत्री के साथ हुई कुलपति की बैठक में सम सेमेस्टर की परीक्षा मुरादाबाद विश्वविद्यालय से ही करवाने की चर्चा की गई थी।
बरेली से स्टाफ ने मुरादाबाद में किया ज्वाइन
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के संचालन के लिए राजकीय पॉलीटेक्निक में अस्थायी कार्यालय बनाया जा रहा है। इसके लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय से करीब 30 कर्मचारियों का स्टॉफ आना था। इनमें से लगभग 12 कर्मचारियों ने बुधवार को ज्वाइन कर लिया है। वहीं कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने बताया कि अतिरिक्त इनफ्रास्ट्रक्चर और रिकॉर्ड की सुरक्षा के संबंध में जिलाधिकारी के साथ बैठक की जाएगी।
प्राइवेट फॉर्म बंद होने से विद्यार्थी बहुत परेशान हैं। संगठन के पदाधिकारियों के साथ इस समस्या पर चर्चा की गई है। विद्यार्थियों के साथ मुरादाबाद के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति से भी वार्ता की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की परेशानी का निराकरण किया जा सके। छविनाथ अरोरा, छात्र नेता
बड़ी संख्या में नौकरीपेशा युवा प्राइवेट पढ़ाई करते हैं। एनईपी में सेमेस्टर सिस्टम होने की वजह से पढ़ाई महंगी है। इसलिए भी विद्यार्थी प्राइवेट फॉर्म भरने के इंतजार में थे। विश्वविद्यालय ने अचानक इन्कार कर दिया है। इस वर्ष फॉर्म जारी कर अगले वर्ष के लिए नोटिस जारी किया जाना चाहिए था। विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद हो रहा है। यदि शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया तो जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा। -कुशल शर्मा, छात्र नेता
विद्यार्थी इस उम्मीद में थे कि इस बार प्राइवेट दाखिला होगा। यदि एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से जुलाई में ही प्राइवेट फॉर्म भरवाने से इन्कार कर दिया जाता तो विद्यार्थी अपने हिसाब से अन्य संस्थानों में रेगूलर या डिस्टेंस एजूकेशन में दाखिला ले सकते थे। यदि विद्यार्थी रेगूलर को चुनते तो यह स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय का भी छात्र नामांकन बढ़ जाता।
-प्रो. एके सिंह, परीक्षा प्रभारी केजीके कॉलेज
किसी भी विश्वविद्यालय द्वारा डिस्टेंस एजूकेशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए नैक प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। यह प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय के कम से कम पांच वर्ष के संचालन के बाद मिलता है। मुरादाबाद मंडल के विद्यार्थियों की पढ़ाई कैसे सुचारू की जाएगी, इस संबंध में जल्द ही बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। -प्रो. सचिन माहेश्वरी, कुलपति, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय