मुरादाबाद में जाम से राहत दिलाने के लिए बन रही रिंग रोड का रामगंगा नदी पर पुल तैयार हो गया है। 33 किमी लंबी रिंग रोड का लगभग 45 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। फरवरी 2026 तक रिंग रोड पर वाहनों के दौड़ने की संभावना है।
मुरादाबाद के शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने के लिए बन रही रिंग रोड के लिए रामगंगा नदी पर पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण का कार्य चल रहा है। करीब नाै किमी. सड़क भी तैयार हो गई है। अगले साल फरवरी तक रिंग रोड पर वाहन दौड़ने के आसार हैं।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) शहर की 33 किमी. परिधि में रिंग रोड का निर्माण कर रहा है। रिंग रोड के लिए 11 अंडरपास का निर्माण हो चुका है। 35 पुलियों में से 33 का काम पूरा हो गया है। एनएचएआई के लिए चुनौती बना रामगंगा पुल का निर्माण भी अब लगभग पूरा हो गया है।
इसके अलावा सिरसा मोहन और त्रिलोकनगर में डामर रोड बनाने का काम चल रहा है। अन्य स्थानों पर रोड पर मिट्टी डाली जा रही है। कुल मिलाकर रिंग रोड का करीब 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
आरओबी निर्माण की हो रही माॅनीटरिंग
रिंग रोड पर तीन रेलवे ओवरब्रिज भी निर्माणाधीन हैं। इनमें हकीमपर लोदीपुर बिसनपुर रेलवे लाइन के बीच, अगवानपुर-हरथला रेलवे लाइन के बीच, सेहल हाल्ट और गोट के बीच आरओबी का काम हो रहा है। एक आरओबी के जमीनी स्तर का काम पूरा हो चुका है। प्रतिदिन एनएचएआई के अभियंता आरओबी के कार्यों की माॅनीटरिंग कर रहे हैं।
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रिंग रोड के लिए शासन ने 655 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। मुआवजे और वन विभाग का बजट निर्माण से अलग है। रिंग रोड निर्माण की कुल लागत 12 सौ करोड़ रुपये है। रिंग रोड का निर्माण कार्य पूरा होने पर भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेंगे। इससे शहर में जाम की समस्या नहीं होगी।