बड़ा सवाल, गाड़ी खराब होने पर पुलिस की क्यों नहीं मांगी मदद
खनन जैसे संवेदनशील मामले में चेकिंग की प्रक्रिया के दौरान तहसीलदार द्वारा भाजपा का झंडा लगी गाड़ी के प्रयोग से कई सवाल खड़े हो गए हैं। बड़ा सवाल यह है कि चेकिंग से लौटते समय सरकारी गाड़ी खराब होने की बात सच है तो तहसीलदार ने स्थानीय पुलिस या एसडीएम से मदद क्यों नहीं मांगीं। जबकि फोन नंबर 112 डायल करके आम लोग भी मुसीबत में पुलिस की मदद ले लेते हैं।
सवाल यह भी है कि अवैध खनन विरोधी छापे या चेकिंग के लिए निकलते समय तहसीलदार ने क्या संबंधित थाने की पुलिस को साथ नहीं लिया था। जबकि पूर्व में इस तरह की जांचों में खनन माफिया की तरफ से हमले की घटनाएं मंडल में हो चुकी हैं। ऐसे में बिना सुरक्षा अवैध खनन पकड़ने की बात कितनी व्यावहारिक है, इसका स्पष्ट जवाब फिलहाल तहसीलदार की तरफ से नहीं आया है।