पुजारी की हत्या के बाद गांव में पहुंची पुलिस
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के भटावली में रामगंगा नदी किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर के महंत मुन्ना लाल पुरी (65) की बुधवार की रात सोते समय गले पर वार कर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार की सुबह जब गांव निवासी शीशपाल दूध देने के लिए पहुंचा तो उसने महंत का शव पड़ा हुआ देखा।
महंत मुन्ना लाल पुरी बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र के सिरसा गांव निवासी थे। वो अविवाहित थे और पिछले 15 सालों से मंदिर में रह रहे थे। ग्रामीणों ने दावा है कि मंदिर करीब 250 साल पुराना है। जिस वक्त मुन्ना लाल पुरी आए थे, उस वक्त मुख्य पुजारी और महंत ठाकुरद्वारा के विजयपुर निवासी धर्मानंद थे।
2016 में धर्मानंद मंदिर की बागडोर अपने शिष्य मुन्ना लाल पुरी को सौंप कर चले गए थे। मंदिर में दिन में भटावली गांव के लोग पूजा-पाठ करने जाते थे लेकिन रात में महंत अकेले ही रहते थे। महंत ने अपना विस्तर यज्ञशाला में ही एक साइड में बिछा रखा था।
घटना की जानकारी मिलने पर डीआईजी मुनिराज जी और एसएसपी हेमराज मीना ने मौका मुआयना किया। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि महंत के गले किसी धारदार हथियार से हमला किया गया है। कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
बुधवार की रात महंत के पास छह लोग थे
पुलिस की अब तक जांच में सामने आया है कि भटावली और आस पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग सुल्फा पीते हैं। ये लोग अक्सर महंत के पास आते थे। बुधवार रात भी छह लोगों को महंत के पास देखा गया था। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि घटना में इन छह लोगों में से ही कोई शामिल हो सकता है। पुलिस अफसरों ने दावा किया है कि उन्हें कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं।
सभी सामान मिला सुरक्षित, हथियार गायब
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मंदिर पहुंचकर जांच पड़ताल की। यज्ञशाला और महंत के कमरे की तलाशी ली गई है। बिस्तर के पास ही मंदिर का संदूक रखा था लेकिन महंत के रुपये और सामान सभी सुरक्षित हैं। जिससे माना जा रहा है कि आरोपियों का मकसद लूटपाट करना नहीं था। जिस धारदार हथियार से हमला किया गया था, वह हथियार अब तक नहीं मिला है।