मुरादाबाद। दमघोंटू होते जा रहे प्रदूषण पर एनजीटी ने सख्ती दिखाई। दिल्ली एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध लगाते हुए पूरे देश के उन शहरों पर भी इस आदेश का अमल करने का कहा है जहां पिछले साल नवंबर माह में वायु की गुणवत्ता खराब थी। मुरादाबाद में पिछले साल नवंबर माह में जबरदस्त प्रदूषण था और दस दिन तो ऐसे थे जिनमें प्रदूषण स्तर लाल श्रेणी में पहुंच गया था। ऐसे में यह पूरी संभावना है कि यहां भी पटाखों पर रोक लग जाएगी। स्थानीय प्रशासन प्रदेश सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहा है।
मुरादाबाद में वायु जहरीली होती जा रही है। तीन दिन पूर्व तो हाल यह था कि मुरादाबाद का प्रदूषण स्तर देश और प्रदेश दोनों की ही राजधानी से भी ज्यादा था। पूरे देश में मुरादाबाद का प्रदूषण स्तर दूसरे स्थान पर था। ऐसा कई बार हुआ है जब पीतलनगरी इस मामले में दिल्ली और लखनऊ को मात देती है। प्रदूषण स्तर अब भी कम नहीं हुआ है। सोमवार को मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 388 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। इसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर पांच सौ, न्यूनतम 270 और औसत 388 था। खतरनाक बात यह है कि यहां के वायुमंडल में नाइट्रोजन डाई आक्साइड की मात्रा बढ़ रही है जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। दिवाली पर पटाखों के चलने से हाल क्या हो सकता है इसका अंदाजा इन्हीं आंकड़ों से लगाया जा सकता है।
अब एनजीटी ने एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि देश के ऐसे शहरों में भी यह आदेश लागू रहेगा जहां पिछले साल के नवंबर माह में वायु गुणवत्ता खराब थी। मुरादाबाद की बात करें तो यहां पिछले साल नवंबर माह में भी हाल खराब था। दस दिन ऐसे थे जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार था। ये दस दिन रेड श्रेणी में थे और यहां के लोगों को सांस लेना मुश्किल हो रहा था। इस साल भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। प्रशासन इसका अध्ययन कर रहा है और यहां भी पटाखों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
पिछले साल दिवाली के बाद से ही हो गया था हाल बुरा
पिछले साल 27 अक्टूबर की दिवाली थी। इसके बाद प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ गया था। नवंबर माह के दस दिन तो बहुत ज्यादा प्रदूषण रहा था। ऐसे में इस बार भी स्थिति इसी तरह की हो सकती है। यही कारण है कि एनजीटी को इस पर सख्ती दिखानी पड़ी है।
नवंबर 2019 के प्रदूषित दस दिन
दिनांक वायु सूचकांक
4 नवंबर 344
5 नवंबर 364
6 नवंबर 397
7 नवंबर 391
12 नवंबर 301
13 नवंबर 333
14 नवंबर 307
19 नवंबर 307
20 नवंबर 325
21 नवंबर 309
एनजीटी के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है। इस बाबत एनजीटी और प्रदेश सरकार की ओर से जो भी निर्देश जारी होंगे, हम उनका गंभीरता से पालन करेंगे।
- राकेश कुमार सिंह जिलाधिकारी
25 हजार वाहनों की हाट स्पॉट बाजारों में एंट्री रोकना होगा बड़ी चुनौती
मुरादाबाद। अत्यधिक प्रदूूषण वाले शहरों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्ती दिखाई है। कहा है कि कल बुधवार से ही 16 नवंबर तक ट्रैफिक के लिहाज से चिह्नित किए गए हाट स्पॉट में वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। मुरादाबाद में तो वैसे ही पार्किंग समस्या रहती है। सघन बाजार में वाहन गए हो हालत खराब होगी ही। ऐसे में यहां वाहनों को रोकना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती होगा। प्रतिदिन लगभग 25 हजार वाहन शहर के इन मुख्य बाजारों में आवागमन करते हैं। ऐसे में इन सभी वाहनाें को रोकना होगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को व्यापक स्तर पर रणनीति बनानी होगी तथा व्यापारियों के साथ भी मिलकर इस पर काम करना होगा। यहां चिह्नित किए गए चार मुख्य कारणों में वाहनों की बढ़ती संख्या प्रदूषण की बड़ी वजह है। खास तौर पर डीजल वाहनों ने हाल खराब किया है। इस बाबत एनजीटी भी सख्त रवैया अपना चुका है। अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस पर अहम कदम उठाया है।