फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंपनी की लापरवाही से बदनाम हुआ मुरादाबाद

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। लाजपत नगर स्थित एमएच कालेज में कंटीन्युअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मानीटरिंग स्टेशन की देखरेख करने वाली एजेंसी की लापरवाही से प्रदूषण के आंकड़ों में गड़बड़ी हुई। परिणाम यह रहा कि मुरादाबाद का प्रदूषण स्तर देश भर में सबसे ज्यादा दर्ज किया जाता रहा। अब जैसे ही कंपनी बदली है और गंभीरता से इसकी मॉनीटरिंग शुरू हुई तो सही आंकडे़ सामने आ रहे हैं। मुरादाबाद का प्रदूषण स्तर तीन सौ एक्यूआई से नीचे आ गया है।
विज्ञापन

पिछले कुछ समय में मुरादाबाद का वायु प्रदूषण ज्यादातर समय देश में टॉप टेन प्रदूषित शहरों की सूची में दर्ज किया गया है। 31 जनवरी से लेकर छह फरवरी तक लगातार मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक देश में पहले स्थान पर था। स्टेशन के रख रखाव की जिम्मेदारी एन्वायरोटेक कंपनी की थी। बताया गया है कि यह कंपनी जून 2017 से स्टेशन की देखरेख कर रही थी। कर्मचारियों के अनुसार जब भी स्टेशन पर डाटा दर्ज करने में गड़बड़ी आती थी तो शिकायत करने के बावजूद अधिकारी उस कमी को दूर करने समय पर नहीं आते थे।
तीन फरवरी को बोर्ड ने की थी निगरानी
लगातार अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक आने के बाद तीन फरवरी को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से मैन्युअल डाटा दर्ज करवाया गया था। इसमें पीएम 10 का अधिकतम स्तर 216 दर्ज किया गया था, जबकि स्टेशन की ओर से यह आंकड़ा 280 का जारी हुआ था। इसी तरह पीएम 2.5 का स्तर बोर्ड की ओर से 101 दर्ज किया गया था और स्टेशन के आंकड़ों में यह 179 दर्ज किया गया था। तभी से इस पर नजर रखनी शुरू कर दी गई थी।
विज्ञापन

फरवरी के दूसरे सप्ताह में बदली कंपनी
स्टेशन पर अधिक आंकड़े दर्ज होने के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत की गई थी। यहां से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मामले की जानकारी दी गई। सीपीसीबी की ओर से फरवरी माह के दूसरे सप्ताह में देखरेख की जिम्मेदारी एन्वायरोटेक कंपनी से लेकर ईकोटेक कंपनी को सौंपी गई है।
25 फरवरी से आंकड़े तीन सौ के अंदर
25 फरवरी को एक्यूआई 195 दर्ज किया गया था। इसके बाद नौ दिन शहर का प्रदूषण 208 से 296 एक्यूआई के बीच रहा, जबकि छह दिन शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 153 से 187 के बीच दर्ज किया गया। प्रदूषण का यह स्तर मध्यम से खराब वायु गुणवत्ता का सूचक है। सोमवार को एक्यूआई 181 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। माना जा रहा है कि अब नई एजेंसी गंभीरता से काम कर रही है तो सही आंकड़े सामने आ रहे हैं।
बोर्ड ने नियमानुसार लिया है निर्णय
मुख्य पर्यावरण अधिकारी यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अमित चंद्रा ने बताया कि कंपनी को ऑपरेशन की जिम्मेदारी और रियल टाइम डेटा भेजने की जिम्मेदारी होती है। बोर्ड की ओर से वार्षिक पुनरीक्षण किया जाता है। जिस कंपनी का काम अच्छा होता है, उसे जिम्मेदारी दी जाती है। मुरादाबाद में ईकोटेक कंपनी देखरेख की जिम्मेदारी संभाल रही है। एन्वायरोटेक कंपनी पर पहले जिम्मेदारी थी। ईकोटेक प्रिंसिपल फर्म है। उनको बोर्ड ने काम दिया है। कोई कंपनी अपने आप से काम नहीं लेती है। यदि काम में कमी होती है तो बोर्ड कंपनी में बदलाव कर देता है। बजट और भुगतान संबंधी जानकारी लिखित में मांगनी होगी। बोर्ड ने नियमानुसार निर्णय लिया है।
बोर्ड से अलग होती है कंपनी की कार्यप्रणाली
पूरे प्रदेश में एन्वायरोटेक कंपनी बदली गई है। एंबिएंट स्टेशन की देखरेख करने वाली कंपनी सीपीसीबी द्वारा चयनित की जाती है और इसकी कार्यप्रणाली बोर्ड से बिल्कुल अलग रखी जाती है, ताकि उसके काम में हम कोई दखल नहीं कर सकें। इसलिए नई कंपनी ईकोटेक को क्या जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
मुरादाबाद के बढ़ते प्रदूषण स्तर के आंकड़े को लेकर आशंका तो थी ही कि इतना प्रदूषण यहां नहीं हो सकता। बड़े और व्यस्त शहरों से भी हमारा लेवल ज्यादा आ रहा था। हालांकि इसमें मेरा अप्रूव्ल नहीं लिया गया लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने अपने स्तर से कार्रवाई की। अब सही एक्यूआई शो हो रहा है। अभी तो शहर के अन्य कई स्थानोें पर एयर क्वालिटी मॉनीटर लगेेंगे जिससे पूरे शहर का समानुपातिक एक्यूआई निकाला जा सकेगा। - राकेश कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें